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गैरकानूनी तरीके से बनाए जा रहे हैंड सेनेटाइजर के धंधे का भंडाफोड़, अंबाला में एक गिरफ्तार

Fri, 20 Mar 2020 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला (हरियाणा)
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सैनेटाइजर जब्त
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हरियाणा ड्रग एंड कंट्रोल डिपार्टमेंट ने गैरकानूनी तरीके बनाए जा रहे हैंड सैनेटाइजर के एक मामले का भंडाफोड किया है। एक रिहायशी भवन में यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था। जांच टीम ने यहां से 396 बोतल सैनेटाइजर की जब्त की हैं।

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दवाओं के होलसेल का कारोबार करने वाले एजेंसी में तैनात सेल्समैन यह गैरकानूनी धंधा कर रहा था। जांच अधिकारियों की ओर से अब सेल्समैन जयचंद के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्टमेटिक एक्ट के तहत केस दर्ज करवाने की कार्रवाई चल रही है। पुलिस को भी मामले की शिकायत भेज दी गई है।

बिना लाइसेंस तैयार कर रहा था सैनेटाइजर
कुलदीप नगर स्थित गैरी लाइफ साइंस नामक होलसेल दवाओं का कारोबारी करने वाली एजेंसी में लखनऊ का जयचंद बतौर सेल्समैन काम करता है। 38 वर्षीय जयचंद अभी प्रगति विहार में रहता है। यहीं वह काफी दिन से बिना ड्रग लाइसेंस के सैनेटाइजर तैयार कर बेच रहा था। हरियाणा ड्रग एंड कंट्रोल डिपार्टमेंट को इसकी भनक लग गई।
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तभी जयचंद को रंगे हाथों पकड़ने का निर्णय लिया गया। सीनियर ड्रग कंट्रोलर सुनील चौधरी की अगुवाई में जयचंद के घर पर रेड की गई। इस दौरान यहां हैंड सैनेटाइजर के निर्माण का धंधा जोरशोर से चल रहा था। रेड के दौरान जांच टीम ने यहां से 396 बोतल सैनेटाइजर की जब्त की। साथ ही सैनेटाइजर के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली कच्ची सामग्री, प्लास्टिक की खाली बोतलें व इन पर लगाने वाले लेवल भी जब्त किए। पूछताछ के दौरान जयचंद कोई ड्रग लाइसेंस नहीं दिखा पाया।

होलसेल कारोबारी का नाम किया उजागर

जयचंद ने शुरूआती पूछताछ में बताया कि वह शाहाबाद के होलसेल दवा कारोबारी बिसमिल देव के लिए सैनेटाइजर का निर्माण करता था। उसकी ओर से ही उसने कच्ची सामग्री आने की बात कही है। अब तक उसने दो हजार से ज्यादा बोतल सैनेटाइजर के निर्माण व आगे सप्लाई की बात भी स्वीकार की है।

सीनियर ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर ने सुनील चौधरी ने बताया कि बिसमिल का नाम सामने आने के बाद फोन पर उससे संपर्क किया गया। मगर उसने जयचंद की बात को सिरे से खारिज कर दिया। उसने साफ कहा कि इस मामले में उसका जयचंद से कोई सरोकार नहीं है। जांच अधिकारियों ने बताया कि जयचंद के बयान पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। ठोस सबूतों के आधार पर बिसमिल देव को भी जांच में शामिल किया जाएगा।

मामले की जानकारी लेते रहे कमिश्नर
गैरकानूनी तरीके से हैंड सैनेटाइजर के कारोबार का भंडाफोड़ होने के बाद फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट के कमिश्नर अशोक मीणा भी पूरी हरकत में दिखे। पूरे मामले की गंभीरता से जांच के लिए उन्होंने हरियाणा ड्रग एंड कंट्रोल डिपार्टमेंट के असिस्टेंट स्टेट ड्रग कंट्रोलर मनमोहन तनेजा भी मौके पर भेजा। इसके बाद वे लगातार पूरी कार्रवाई की अपडेट लेते रहे।
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उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। खुद तनेजा ने कहा कि जयचंद ने भी अपने बयान में जिसके भी इस कारोबार में शामिल होने की बात कही है पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। डिपार्टमेंट की ओर से दी गई शिकायत में इस बात का साफ जिक्र किया गया है।

अभी इन धाराओं के तहत होगा केस दर्ज
जांच में शामिल ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर प्रवीण चौधरी ने बताया कि अभी आरोपी जयचंद व अन्य के खिलाफ गैरकानूनी तरीके से हैंड सैनेटाइजर बनाने के आरोप में ड्रग एंड कॉस्मेटिक की धारा-27, 17 ए, 17 बी, 18, 18ए व 18बी के तहत केस दर्ज किया जाएगा। इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ यह केस दर्ज होगा। जिसका भी आरोपी ने नाम लिया है पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी।

हर्बल लाइसेंस हो रहा था इस्तेमाल
जयचंद के घर से जब्त हैंड सैनेटाइजर पर मैजिक ऑफ हर्बस का इस्तेमाल हो रहा था। इस नाम से डिफेंस कॉलोनी के योगेश कुमार को हर्बल औषधि का लाइसेंस जारी हो रखा है। जयचंद के खुलासे के बाद योगेश कुमार को जांच अधिकारियों ने मौके पर बुलाया। तब उसने बताया कि वे न तो जयचंद को जानते हैं न ही वे कोई सैनेटाइजर बनाते हैं।

जयचंद पूरी तरह गैरकानूनी तरीके से सैनेटाइजर बना रहा है। जांच अधिकारियों के समक्ष जयचंद ने यह बात कबूली है कि वह तो बिसमिल देव के सैनेटाइजर बनाता था। इसके लिए तो उसे सिर्फ मजदूरी मिलती थी। पिछले कई दिन से वह सैनेटाइजर का निर्माण कर रहा था।
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