कोरोना वायरस के खतरे से निपटने को हरियाणा सरकार भी जुट गई है। सबसे पहले स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी बंद की गईं। शुक्रवार को सतर्कता बरतते हुए रैलियों, धार्मिक कार्यक्रमों व खेलों में भीड़ जुटाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया। सरकारी, निजी कॉलेज, यूनिवर्सिटी, आईटीआई संस्थान 31 मार्च 2020 तक बंद रहेंगे।
दिल्ली से सटे एनसीआर के पांच जिलों के सभी सरकारी, निजी स्कूलों में भी इसी अवधि तक छुट्टियां कर दी गई हैं। स्कूलों के विद्यार्थी पहले से तय बोर्ड, वार्षिक व मूल्यांकन परीक्षा में ही भाग लेंगे। वहीं पंचकूला के डीसी ने भी सभी निजी और सरकारी स्कूलों को 31 मार्च तक बंद रखने के आदेश दे दिए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है कि भीड़ जुटाने वाले सभी सामूहिक कार्यक्रम प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। आगामी आदेशों तक प्रतिबंध लागू रहेगा। कोरोना को लेकर हर तीन दिनों में समीक्षा की जाएगी। 100 कैंप लगाकर आयुष विभाग मुफ्त दवाएं आवंटित करेगा।
सरकार के रोक लगाने के बावजूद अगर कोई रैलियां या प्रतिबंधित कार्यक्रम करता है तो उस पर धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें छह माह की सजा या एक हजार रुपये जुर्माना व दोनों एक साथ किए जाने का भी प्रावधान है।
स्टाफ ड्यूटी पर रहेगा
उच्च शिक्षा निदेशक अजीत बाला जोशी ने सभी कॉलेजों के प्राचार्य व यूनिवर्सिटी के वीसी को पत्र लिखकर कहा है कि सरकार ने कॉलेज, यूनिवर्सिटी को कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए 31 मार्च तक बंद रखने का निर्णय लिया है। आदेशों की पालना करें। शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक स्टाफ पूर्व की तरह ड्यूटी पर रहेगा।
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव महावीर सिंह ने सोनीपत, रोहतक, झज्जर, फरीदाबाद, गुरुग्राम के सरकारी, निजी स्कूल को 31 मार्च तक बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। बाकी जिलों के स्कूलों में तय शेड्यूल के अनुसार कार्य होता रहेगा। बोर्ड, वार्षिक व मूल्यांकन परीक्षाओं में ही विद्यार्थियों को हिस्सा लेना होगा। शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक स्टाफ ड्यूटी पर रहेगा।
दक्षता विकास व आईटीआई विभाग के प्रधान सचिव विजयेंद्र कुमार ने सभी सरकारी निजी आईटीआई व अन्य संस्थानों को 31 मार्च तक बंद रखने का पत्र जारी किया है। विद्यार्थियों को एनसीवीटी, एससीवीटी व अन्य परीक्षाओं में भाग लेने की छूट रहेगी। स्टाफ ड्यूटी पर मौजूद रहेगा।
रोहतक, खानपुर कलां मेडिकल कॉलेज में होगी कोरोना की जांच
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने हर जिले में दो-दो स्पेशल एंबुलेंस का प्रबंध करने, आयुष विभाग द्वारा कैंप लगाकर जागरूकता फैलाने, प्रत्येक जिला को पास के मेडिकल कालेज, जिसमें वेंटिलेटर समेत सभी उपकरण मौजूद हों, से अटैच करने के निर्देश दिए हैं। ताकि किसी भी संदिग्ध का वहां उपचार किया जा सके। विज ने बताया कि 12 मार्च तक कोरोना वायरस का हरियाणा का कोई भी मरीज नहीं है। इटली से आए कुछ नागरिक जो पॉजिटिव पाए गए हैं उनको गुरुग्राम में रखा गया है।
हरियाणा में विदेश यात्रा से लौटे कुल 1754 व्यक्तियों को निगरानी में रखा गया है, जिनमें से 44 लोगों में लक्षण पाए जाने पर उनके सैंपल लिए गए। इनमें से 40 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई तथा 4 सैंपलों की रिपोर्ट आनी शेष है। यह भी बताया गया कि हरियाणा सरकार ने जिलों में हेल्पलाइन डेस्क 108 स्थापित की गई है जिस पर कोरोना वायरस बारे सूचना दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को खांसी व जुकाम की शिकायत है उन बच्चों को माता-पिता स्कूल न भेजे।
हरियाणा सरकार द्वारा कोरोना की जांच के लिए हरियाणा में पीजीआईएमएस रोहतक तथा बीपीएस खानपुर कलां मेडिकल कालेज में दो लैब चुनी गई हैं। इसके अलावा, हरियाणा में मरीजों के इलाज एवं निगरानी के लिए 298 आइसोलेशन वार्ड, जिसमें 1328 बेड बनाए गए हैं। राज्य में क्वारंटाइन के लिए विभिन्न संस्थानों में 219 कमरे और 1040 बेड चिन्हित किए गए हैं। आयुष विभाग द्वारा 100 कैंप लगाकर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ मुफ्त में दवाएं भी आवंटित की जाएंगी।
किसानों की महापंचायत टली
कोरोना के खौफ के चलते दिल्ली में होने वाली किसानों की महापंचायत भी टल गई है। 18 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर यह महापंचायत होनी थी। जिसमें देश भर से हजारों किसान नेताओं को इस महापंचायत में पहुंचना था और आगे किसान आंदोलन की रणनीति तैयार करनी थी।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने बताया कि 18 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर पर राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय किसान महापंचायत को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय दिल्ली में कोरोना वायरस के चलते व पुलिस प्रशासन की सलाह के मुताबिक तथा सरकार द्वारा विधानसभा व स्कूलों को 22 मार्च तक बंद किए जाने की दृष्टिगत लिया गया है।
सरकारी कार्यक्रमों में महानुभावों को बुके देने पर रोक
हरियाणा में सरकारी कार्यक्रमों में महानुभावों को अब बुके नहीं दे पाएंगे। प्रदेश सरकार ने बुके देने पर रोक लगा दी है। कागज में लिपटे चार फूल, किताब, पौधा या खादी का रूमाल ही भेंट करने की इजाजत रहेगी। पौधे को फूलों के गमले में देना होगा। इन वस्तुओं को प्लास्टिक में लपेटकर नहीं दे पाएंगे। सरकार ने प्लास्टिक को पूरी तरह से प्रतिबंध करने के मद्देनजर यह निर्णय लिया है।
मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से इन आदेशों का कड़ाई से पालने करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों, बोर्ड, निगमों के प्रबंध निदेशकों, मुख्य प्रशासकों, हरियाणा के राज्यपाल के सचिव, सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्त, डीसी, पुलिस आयुक्तों, रेंज डीआईजी, एसपी, राज्य की सभी यूनिवर्सिटी, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, हरियाणा भवन दिल्ली के आवासीय आयुक्त, महाधिवक्ता व प्रधान महालेखाकार ऑडिट को पत्र लिखकर कहा है कि किसी भी सरकारी कार्यक्रम में अब मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि सहित अन्य महानुभावों को बुके प्रदान न करें।
सरकार की ओर से सुझाए गए अन्य विकल्प अपनाएं। राजभवन पर भी यह आदेश लागू होंगे। सरकारी कार्यालयों में पानी की प्लास्टिक बोतल व प्लास्टिक के उपयोग पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है। सीएम मनोहर लाल प्लास्टिक के उपयोग के सख्त खिलाफ हैं, इसलिए आदेशों का उल्लंघन न करें।