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भ्रष्टाचार के केस में फंसे एसआई नरेश कुमार की बढ़ी दिक्कतें, डीजीपी ने किए तलब

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भ्रष्टाचार के केस में फंसे एसआई नरेश कुमार की बढ़ी दिक्कतें, डीजीपी किए तलब
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-2014 में एक लाख रुपये की रिश्वत लेने का मामला
-एएसजे ने दोनों को 25 फरवरी के समन जारी किए, जगाधरी स्पेशल स्टाफ की घटना में विजिलेंस ने की थी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। शहर मोटर मार्केट के एक कारोबारी को अवैध हिरासत में रखकर उस पर गाड़ी चोरी का आरोप लगाकर रिश्वत मांगने के मामले में एसआई नरेश कुमार पर 6 साल बाद शिकंजा कसता दिख दे रहा है। कानूनी दांव पेच का सहारा लेकर अब तक इस केस में नरेश कुमार बचता रहा है। एफआईआर में नाम होने के बावजूद विजिलेंस जांच अधिकारियों ने इस केस में नरेश कुमार का नाम पहले खाना नंबर 2 में रखा। बाद में नरेश कुमार का नाम केस से निकाल दिया था, लेकिन शिकायतकर्ता जसपाल सिंह निवासी बलदेव नगर ने लंबी अदालती लड़ाई लड़ी। अब अदालत ने नरेश कुमार को तलब किया है। खास बात यह रही कि आज तक न तो नरेश कुमार की गिरफ्तारी हुई और न ही वह आज तक कभी कोर्ट मे पेश हुआ। अंबाला की अदालत ने बीती 20 जनवरी को आर्डर जारी किये हैं जिसके तहत डीजीपी को भी अदालत से नोटिस गया है। नरेश कुमार पर कार्रवाई करने के संबंध में अगली पेशी 25 फरवरी को जवाब मांगा है। साथ ही नरेश कुमार को भी समन जारी हुआ है।
किस आधार पर केस से निकाला नाम
अदालत ने जांच अधिकारियों को तलब कर पूछा है कि आपने किस आधार पर नरेश कुमार का नाम इस केस से निकाला है। मामले की जानकारी के अनुसार 28 अक्तूबर 2014 को जगाधरी स्पेशल स्टाफ में कार्यरत एसआई नरेश कुमार ने अपनी टीम के साथ अंबाला मे रेड कर अंबाला शहर मोटर मार्केट में जेके डीजल वर्कस के मालिक जसपाल सिंह को गिरफ्तार किया था। उन्हें एक दिन तक गैरकानूनी हिरासत में रखा गया। जसपाल सिंह पर चोरी की गाड़ियां बेचने के आरोप लगाये थे। स्पेशल स्टाफ में जसपाल सिंह से कुछ ब्लैंक कागजों पर हरविंद्र पाल पिंकी के सामने साइन करवा लिये थे और 10 लाख रुपये छोड़ने के नाम पर मांगे गये थे। बाद में 4 लाख रुपये में बात तय हो गई थी। आरोप है कि नरेश कुमार का ही आदमी हरविंद्र पाल सिंह पिंकी निवासी जग्गी कॉलोनी स्पेशल स्टाफ से छूटने के बाद जसपाल सिंह पर लगातार दबाव डालकर रुपये मांगता रहा।
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एक लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था रंगेहाथ
इस दौरान जसपाल सिंह ने एडीजीपी विजिलेंस को मामले की शिकायत दी थी। शिकायत के बाद जसपाल सिंह ने हरविंद्र पाल सिंह पिंकी को एक लाख रुपये रिश्वत देकर रंगेहाथ गिरफ्तार करवा दिया था। जसपाल सिंह ने कुछ रिकार्डिंग भी विजिलेंस अधिकारियों को दी थी। जिस दिन पिंकी की गिरफ्तारी हुई उसी रात भनक लगने पर नरेश कुमार फरार हो गया था। इस सबंध मे एफआईआर दर्ज हुई थी जिसमें नरेश कुमार व हरविंद्र पाल पिंकी को आरोपी बनाया गया था। हरविंद्र फिलहाल इस केस में जमानत पर चल रहा है। जसपाल सिंह ने बताया कि उन्हें दबाने के लिए व केस वापस लेने के लिए भी उन पर दो झूठे मुकदमे दर्ज करवा दिये गये। इन केस को आज तक वह भुगत रहे है। जबकि उनका इनसे कोई लेना-देना नहीं है।
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