अंबाला में चोरों ने कोहराम मचा रखा है। जब चाहें, जहां चाहें, दिन हो या रात, लगातार दुकानों व घरों के ताले चटकाकर पुलिस को सरेआम चुनौती दे रहे हैं। पुलिस केवल मूकदर्शक बनी बैठी है। रोजाना दो वारदात हो रही हैं, बावजूद इसके चोरियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रिकार्ड बताता है कि इस साल अब तक 570 वारदातें हो चुकी हैं। इनमे सामान्य चोरी, ट्रांसफार्मर चोरी, पशु चोरी और व्हीकल चोरी की वारदातें भी शामिल हैं। बावजूद इसके चोरी होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष अब तक 134 चोरियों ज्यादा हुई। केवल 26 फीसदी मामले में पुलिस को सफलता हासिल हुई है। इस रिकार्ड के आधार पर चोर चुस्त, पुलिस सुस्त कहने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। जब इस बारे आलाधिकारियों से बातचीत करते हैं तो उनका जवाब होता है कि कार्रवाई की जा रही है, चोरों को जल्द पकड़ लिया जाएगा, पहचान जारी है या फिर चोर ज्यादा समय तक कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएंगे। आंकड़ों के धरातल वे आंखें मूंद कर नागरिकों से सहयोग मांगते हैं।
2019 में चोरियों के आंकड़े
विभागीय रिकार्ड के अनुसार अक्तूबर तक हुई चोरी की 570 वारदातों में से 144 सामान्य चोरियो के अलावा 17 पशु और 407 वाहन चुराए गए। इनमें से केवल 149 केस ट्रेस किए जोकि 26 प्रतिशत बनते हैं।
2018 का रिकार्ड
अक्तूबर 2018 तक हुई 436 घटनाओं में 98 सामान्य, 18 पशु चोरी तथा 315 वाहन चुराए गए थे।