साहा। केसरी गांव में नाले की सफाई के दौरान पोकलेन मशीन चलाने से कई मकानों में दरारें आ गईं। यह दरारें इतनी बड़ी थीं कि लोगों ने घर छोड़ दिया और मंदिर में रहने लगे। केसरी निवासी जग्गा सिंह बताते हैं कि गांव में एक गंदा नाला है। इसमें बरसाती पानी और गांव की नालियों का पानी भी इसमें से निकल कर आगे जाता है।
इस गंदे पानी के नाले की दोनों तरफ 20 से 25 मकान पिछले 40 वर्षों से हैं। 25 मई को नाले की सरपंच पति पोकलेन मशीन से सफाई कराई जा रही थी। जैसे ही पोकलेन मशीन चालक ने अपनी मशीन को नाले के अंदर उतार कर सफाई शुरू की वैसे ही नाले के आसपास बने मकानों की दीवारें नीचे धंस गईं।
गंदे नाले में दलदल ज्यादा होने के कारण पोकलेन मशीन नीचे धंस गई और मकान की दीवारों में दरार आने शुरू हो गई। जग्गा सिंह ने बताया कि लगभग 5 से 7 घरों में नुकसान इतना हुआ है कि उनके दीवारें भी टूट गईं और लैंटर में भी दरारें आ गई।
कुछ परिवार तो अब गांव में बने रविदास मंदिर में रह रहे हैं। जग्गा ने बताया कि अगर गांव के सरपंच को नाले की सफाई करवानी थी तो नाले के दोनों तरफ बने मकानों में रह रहे लोगों को इसकी सूचना देनी चाहिए थी ताकि वे अपनी तैयारी रखते। लोगों को इन घरों में जाने में भी डर लग रहा है।
बाद में हुआ राजीनामा
अपने मकान के नुकसान को लेकर जग्गा सिंह और जिन लोगों का नुकसान हुआ है उन्होंने इकट्ठे होकर साहा थाना में पोकलेन मशीन के चालक और मालिक के खिलाफ शिकायत दी। बाद में उनका राजीनामा हो गया और शिकायत वापस ले ली गई।
वर्जन
गांव में नाले में जलभराव की समस्या का सामाधन कराने की हमारी मंशा थी। पोकलेन मशीन उतारी तो मकान दरकने लगे। हम लोगों के साथ हैं, उनकी मदद भी करेंगे। रुपिंदर, सरपंच प्रतिनिधि, केसरी
गांव केसरी में नाले की सफाई के दौरान घर में आई दरारें।
गांव केसरी में नाले की सफाई के दौरान घर में आई दरारें।