संवाद न्यूज एजेंसी,
अंबाला। रेलवे स्टेशन पर युवक के साथ मारपीट, अपहरण और लूट के मामले में गवाहों की अनुपस्थिति के चलते कोर्ट ने सुनवाई को 31 अक्तूबर तक के लिए टाल दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित शर्मा की अदालत ने स्टेट बनाम अनुभव सूद व अन्य के मामले में न्यायालय ने यह देखते हुए कि गवाहों को साधारण प्रक्रिया से तामील नहीं कराया जा सकता है, उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी करने का अंतरिम आदेश दिया।
दरअसल 29 सितंबर को गवाहों की पेशी के लिए दिन तय किया गया था। इस दौरान एक गवाह एसआई धर्मबीर सिंह उपस्थित नहीं रहे। इसी प्रकार गवाह राज कुमार के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट किसी भी रूप में वापस प्राप्त नहीं हुए थे। एएसआई प्रदीप और डॉ. मोनिका बाली को जारी समन वापस प्राप्त हो गए थे, लेकिन वे भी उपस्थित नहीं हुईं। ऐसे में अदालत ने एएसआई प्रदीप और डॉ. मोनिका बाली की उपस्थिति गैर-जमानती वारंट के माध्यम से 31 अक्तूबर के लिए सुरक्षित करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, इएसआई राज कुमार के खिलाफ नए गैर-जमानती वारंट और एसआई धर्मबीर सिंह को नए समन आगामी तारीख के लिए जारी करने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने अन्य गवाहों को भी अगली तारीख के लिए समन करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगली सुनवाई की तारीख तक सभी नामित अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा और वीसी के माध्यम से पेश किया जाएगा।
अपहरण, मारपीट व अन्य धाराओं में दर्ज किया था केस
राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) अंबाला छावनी में पीड़ित अभिषेक की तरफ दर्ज शिकायत में उन्होंने ने बताया कि वह अपने दोस्त रोहित, निशांत और सौरव कुमार के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के लिए ट्रेन से गए थे। अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन की पार्किंग में बाइक खड़ी कर दी। अगले दिन, 23 सितंबर 2024, की रात को वे वापस लौटे। सौरव पर्ची लेकर बाइक लेने गया, जबकि वह, रोहित और निशांत बाहर खड़े होकर सौरव का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बताया इसी दौरान सौरभ के चिल्लाने की आवाज आई, जिस पर वे तुरंत मौके पर पहुंचे। यहां पर देखा कि राहुल वालिया, शरीफ उर्फ साहिल राठौर, मिठ्ठू उर्फ वैभव, रुद्र प्रताप आदि ने उसके साथ मारपीट की। पीड़ित ने अपहरण का भी आरोप लगाया।