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Ambala News: बार एसोसिएशन का काम बंद रखने को प्रस्ताव कोर्ट ने माना, डीसी ने ठुकराया

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उपायुक्त कार्यालय से कोर्ट परिसर में जाते आक्रो​शित अ​धिवक्ता व बार एसो​सिएशन के पदा​धिकारी।
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अंबाला सिटी। शहर में स्थित डीसी कार्यालय से लेकर कोर्ट परिसर तक अधिवक्ताओं की डीसी डॉ. शालीन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। बार एसोसिएशन अंबाला के पदाधिकारी डीसी से मिलकर लौटे तो आक्रोशित दिखे। वे डीसी के खिलाफ नारेबाजी भी करने लगे।
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मामला इतना बढ़ गया कि बार एसोसिएशन के पदाधिकारियाें ने बैठक कर डीसी कोर्ट का पूरी तरीके से बहिष्कार करने का निर्णय ले लिया है। जब तक यह मामला नहीं सुलझ जाता तब तक एक भी अधिवक्ता इस कोर्ट में पेश नहीं होगा। इसके साथ ही मुख्य सचिव हरियाणा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, जिला सत्र न्यायाधीश, राज्य चुनाव आयुक्त, मंडलायुक्त को इस संबंध में पत्र भी लिख दिया है और कार्रवाई की भी मांग उठाई है।
दरअसल बार एसोसिएशन के सदस्य राजीव वालिया का निधन हो गया था। इस कारण से बार एसोसिएशन ने काम बंद रखने का प्रस्ताव पास किया था। इस प्रस्ताव को हाईकोर्ट से लेकर निचली अदालत तक ने स्वीकार कर लिया और बुधवार को सुनवाई के मामलों में आगे की तारीख दे दी। मगर जब यह प्रस्ताव उपायुक्त कोर्ट के पास गया तो वहां पर प्रस्ताव मान्य नहीं हुआ। ऐसे में बार एसोसिएशन के मौजूदा अध्यक्ष जब्बर चौधरी और पूर्व अध्यक्ष रोहित जैन सहित एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी भी डीसी से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे।
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जब्बर चौधरी ने बताया कि पहले तो डीसी ऑफिस के स्टाफ ने काफी देर तक इंतजार कराया। इसके बाद जब बार के पदाधिकारी उपायुक्त से मिलने खुद से उनके कार्यालय में चले तो पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि उनके साथ डीसी ने भी अनुचित व्यवहार किया। पदाधिकारियों का कहना है कि उन्हें कहा गया जब बुलाऊं तब आना। इसके बाद आक्रोशित अधिवक्ता लौट आए और डीसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जब्बर चौधरी ने कहा कि जब उपायुक्त अधिवक्ताओं के साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं तो आम जनता के साथ कैसा व्यवहार करते होंगे। उन्होंने कहा कि अब उपायुक्त कोर्ट में अनिश्चितकालीन वर्क सस्पेंड रहेगा। इसके साथ एक बड़ा निर्णय वीरवार को सभी अधिवक्ताओं के साथ बैठकर कर बार एसोसिएशन के पदाधिकारी लेंगे।
इस मामले में बार के पूर्व अध्यक्ष रोहित जैन ने बताया कि अगर जिला बार एसोसिएशन कोई प्रस्ताव पास करती है और उसे न्यायिक अधिकारी भी मानते हैं तो प्रशासन को यह प्रस्ताव मानना चाहिए ताकि तालमेल बना रहे। आज जो वर्क सस्पेंड का वह अधिवक्ता की मौत के कारण किया गया था, ऐसे में प्रस्ताव न मानने पर रोष होना स्वभाविक है।

उपायुक्त कार्यालय से कोर्ट परिसर में जाते आक्रोशित अधिवक्ता व बार एसोसिएशन के पदाधिकारी।

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