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पेयजल कनेक्शन के नाम पर 50 घरों से 1 लाख की वसूली फिर भी नहीं बुझी सूखे कंठों की प्यास

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अंबाला। 50 घर और पेयजल कनेक्शनों के नाम पर एक लाख रुपये की वसूली। फिर भी लोगों को पानी की स्वच्छ बूंद-बूंद का इंतजार बरकरार। लाख रुपये जेब से देने के बावजूद इन लोगों के कंठ सूखे हैं। हालात यह हैं कि प्रत्येक घर हजारों रुपये खर्च करने के बावजूद पानी खरीदने को विवश है। कुछ इसी तरह का दर्द झेल रहे हैं अंबाला छावनी के दयालबाग हनुमान मंदिर के बाशिंदे। यहां लोगों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।
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कहने को पॉश इलाका, जमीन व घरों की कीमत भी लाखों-करोड़ों में, हाउस टैक्स सहित अन्य सभी सरकारी बिल भी समय पर भरते हैं, लेकिन साफ पानी की सुविधा नहीं मिल पा रही। पूरे क्षेत्र मे पिछले एक महीने से गंदे व बदबूदार पानी की सप्लाई हो रही है। जनस्वास्थ्य विभाग में सैकड़ों चक्कर लगाने और शिकायत देने के बाद कर्मचारी जांच पड़ताल करने आए, लेकिन वह फाल्ट ढूंढने में नाकाम रहे। वह न तो सीवरेज पाइप का कनेक्शन ढूंढ पाए और न ही पानी के पाइप का। इसी मजबूरी का लाभ उठाया प्लंबरों ने और जमकर चांदी कूटी। प्रत्येक घर से कनेक्शन के नाम पर दो-दो हजार रुपये वसूले गए। जनस्वास्थ्य विभाग ने इन लोगों को सिवाये आश्वासन के आज तक कुछ नहीं दिया।
जनता बेखबर तो प्लंबरों को कैसे मिली खबर
गंदे पानी के फाल्ट को ढूंढ पाने में असफल जनस्वास्थ्य विभाग ने नई पेयजल पाइप लाइन डाल दी। इतना ही नहीं 50 घरों के पुराने कनेक्शन बिना किसी पूर्व नोटिस के खुद ही काट दिए। जब घरों में पानी नहीं आया तो लोगों को पता चला कि उनके कनेक्शन ही काट दिए गए हैं। पूछताछ पर पता चला कि नई पाइप लाइन से अब कनेक्शन खुद ही करवाने पड़ेंगे। इससे पहले की लोग अपने प्लंबरों की व्यवस्था करते प्राइवेट प्लंबर खुद मौके पर पहुंच गए। हैरत की बात है कि सभी ने रेट भी फिक्स कर दिए। लोगों के आरोप हैं कि इन सभी को यह भी पता था कि कितने घरों के कनेक्शन होने हैं जोकि बिना विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत के संभव नहीं है।
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पुरानी पाइप लाइन का खराब हिस्सा नहीं मिलने पर जनस्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में नई पाइप डाल दी। नई पाइप डालने के बाद भी हालात नहीं सुधरे। अभी भी स्थानीय निवासियों के घरों में गंदा व बदबूदार पानी आने का सिलसिला जारी है।
संजय वर्मा।
नई पाइप का कनेक्शन लेने के लिए लोगों को खूब लूटा गया। नया कनेक्शन जुड़वाने के लिए प्लंबर ने तीन हजार से बोली लगानी शुरु की, जोकि दो हजार पर खत्म हुई। उन्होंने सोचा कि अगर पैसे देकर समस्या खत्म होती है तो क्या हर्ज है, लेकिन इसके बाद भी गंदे पानी की समस्या में कोई सुधार नहीं हुआ।
क्षितिज दत्ता, स्थानी निवासी
जनस्वास्थ्य विभाग ने बिना पूर्व नोटिस के किया गया काम स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत बन गया। जिस समय पाइप डाला गया, उस समय अधिकांश लोग काम पर गए थे। घर पर मौजूद महिलाओं के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। इसलिए मजबूरी का फायदा कनेक्शन जोड़ने वाले लोगों ने उठाया और मुंह मांगे पैसों की डिमांड की।
सतिंदर सिंह।
तीन महीने के अंतराल में ही सड़क कई बार टूट चुकी है। रोजाना कोई न कोई महकमा किसी न किसी काम के बहाने सड़क उखाड़ देते हैं। लेकिन हद तो तब है कि काम पूरा होने के बाद सड़क को कोई भी दुरुस्त नहीं करता। सड़क टूटने की वजह से कई वाहन चालक भी घायल हो चुके हैं।
सुुरिंदर कुमार।
काम को पूरा करने की समय-सीमा निश्चित होनी चाहिए। विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो। काम करने से पहले स्थानीय निवासियों को जानकारी दी जाए। नई पाइप से कनेक्शन लेने के नाम पर की गई अवैैध वसूली वापस होनी चाहिए।
राजेश मल्होत्रा।
सीएम विंडो पर दी शिकायत
आरटीआई एक्टिविस्ट द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम विंडो पर गुहार लगाई गई है। इसमें जानकारी दी गई है कि जब विभाग के पास पानी की पाइप लाइन डालने के लिए फंड है तो फिर उनके घरों के कनेक्शन जोड़ने की प्रक्रिया भी उनके अधीन होनी चाहिए। इसलिए मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई के लिए अब सीएम विंडो पर गुहार लगाई गई है।
पानी की पाइप लाइन बिछाने का फंड सरकार की तरफ से आता है। नये कनेक्शन जोड़ने के लिए प्लंबर की सुविधा नहीं है। यह प्राइवेट तरीके से ही होता है। इस संबंध में उनके अधिकार क्षेत्र में कुछ नहीं है। अगर गंदे पानी की समस्या है तो इसकी जांच करवाकर दुरुस्त कराया जाएगा।
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अनिल चौहान, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग अंबाला
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