अंबाला सिटी। छावनी की सुभाष कालोनी में छह लाख की लागत से बनने वाली इंटरलॉकिंग टाइलों की गली के निर्माण में हेरफेर के मामले में नगर निगम के एमई संदीप राज, जेई महिंद्र सिंह व ठेकेदार करनैल सिंह को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। इन सभी को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त जिला सत्र न्यायधीश (एडीजे) प्रवीण गुप्ता की अदालत ने चार-चार साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त एमई संदीप राज और जेई पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। तीनों पर तत्कालीन निगम आयुक्त शक्ति सिंह द्वारा अंबाला कैंट थाने में दो जून 2015 को केस दर्ज करवाया था। इसके बाद इस मामले में एडीसी से जांच करवाई गई थी। एडीसी ने भी अपनी जांच रिपोर्ट में इन तीनों को दोषी ठहराया था। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने सेंट्रल जेल में भेज दिया। बता दें कि इससे पहले यह तीनों बेल पर चल रहे थे।
क्या है पूरा विवाद
दरअसल वर्ष 2015 में ट्विन सिटी में नगर निगम था। उस समय संदीप राज छावनी एरिया में बतौर एमई कार्यरत थे। इसी दौरान छावनी की सुभाष कालोनी में मकान नंबर 145 से 180 के बीच इंटरलॉकिंग टाइलों की गली के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया। यह टेंडर ठेकेदार करनैल सिंह को मिला। नगर निगम ने इसके लिए चार लाख 30 हजार 480 रुपये की पेमेंट ठेकेदार को जारी कर दी। इस मामले की जांच एडीसी ने की। एडीसी की जांच रिपोर्ट के अनुसार एमई इस्सर सिंह, जेई अनिल और क्लर्क गुलशन ने जब मौके पर जाकर गली देखी तो वहां पर गली ही नहीं मिली। जांच रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया कि सुभाष कालोनी की गली के स्थान पर गोबिंद नगर में पब्लिक हेल्थ के ट्यूबवेल के पास इंटरलोकिंग गली का निर्माण उक्त ठेकेदार, एमई और जेई ने करवा दिया। एडीसी की जांच रिपोर्ट के अनुसार यह सब कार्य परमिंद्र सिंह परी के आदेश/निवेदन पर किया गया। इसी आधार पर कैंट थाने में तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसमें तीनों के खिलाफ 120 बी, 406, 420, 467, 468 और आईपीसी 471 के तहत केस दर्ज किया गया था। इतना ही नहीं तीनों पर पुलिस ने सेक्शन सात और 13 प्रीवेंशन आफ क्रप्शन एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया था। इन सभी में अदालत ने तीनों का जिम्मेदार ठहराते हुए सजा सुनाई।