अंबाला सिटी। मानसून आने में अब कुछ ही समय शेष है। हालात ऐसे हैं कि नगर निगम के अधिकारियों ने बारिश से निपटने के लिए कोई एक्शन प्लान ही तैयार नहीं किया। पिछले कुछ दिनों से नालों की सफाई के नाम पर दावे किए जा रहे थे मगर स्थिति वही है।
शुक्रवार को मेयर के आदेश पर मनोनीत पार्षद और अधिवक्ता संदीप सचदेवा अधिकारियों के साथ शहर के बाढ़ संभावित स्थानों पर गए। जहां पर नगर निगम के अफसर अधूरी तैयारी के साथ दिखे। यहां तक कि कुछ को तो यह तक नहीं पता था कि नाले कहां जाते हैं और इनकी निकासी कहां हो रही है। इसके साथ ही इस निरीक्षण में अधिकारियों ने जो दावे किए थे वह अधूरे मिले।
पहला दृश्य
नालों में भरी गंदगी
एडवोकेट संदीप सचदेवा अपने पार्षदों को लेकर सबसे पहले रेलवे रोड के नजदीक आर्य समाज मंदिर के सामने पहुंचे, जहां सेनेटरी इंस्पेक्टर और नगर निगम के जेई तो पहले से बुलाए गए थे। यहां जल निकासी के नाले प्लास्टिक पॉलीथिन और कूड़े से भरे थे।
दूसरा दृश्य
कपड़ा मार्केट के पानी की निकासी नहीं
रेलवे रोड के नजदीक नाले को देखा। यहां भी नाला कचरे से भरा था। जल निकासी बहुत ही धीमी थी। मौके पर ही अधिकारियों से कहा गया कि यहां से कब्जों को हटाकर नाले की सफाई जेसीबी मंगाकर शुरू कराई जाए। इसके बाद यहां पता चला कि रेलवे रोड पर अंडरपास बन जाने के कारण कपड़ा मार्केट के पानी को मोती नगर की ओर निकालने वाला नाला निष्क्रिय हो गया। निकासी न होने कारण कपड़ा मार्केट में पानी भरता है। यह बात अधिकारियों को भी नहीं पता थी। इसके बाद मौके पर नालों का नक्शा मंगवाकर जेई को समाधान के निर्देश दिए।
तीसरा दृश्य
वाटिका सिटी के पास भी मिली कमियां
वाटिका सिटी के पीछे मॉडल टाउन इनको ड्रेन पर संदीप सचदेवा पहुंचे। यहां देखा कि इनको ड्रेन को सिंचाई विभाग के नाले से जोड़ने के लिए केवल दो-दो फीट चौड़ाई वाले तीन पाइप डाले गए हैं, जिनमें से केवल एक पाइप से पानी सिंचाई विभाग के नाले में जा रहा था। बाकी दोनों पाइप कूड़े और गाद के कारण बंद पड़े थे। यहां सफाई कराने के निर्देश दिए। वर्षा के समय में वहां पर बड़ा पंप लगाने के निर्देश दिए।