अंबाला सिटी। नगर निगम है कि अपनी कारगुजारियों से बाज भी नहीं आ रहा है। बार-बार कोर्ट के सख्त होने के बावजूद अधिकारी सफाई के काम को गंभीरता से नहीं ले रहे। सिविल जज जूनियर डिविजन डॉ. मुकेश कुमार की अदालत में रोहित जैन बनाम नगर निगम के मामले में सोमवार को सुनवाई हुई। इसमें लोक कमिश्नर पूनम की रिपोर्ट ने नगर निगम की पोल खोल दी।
निगम आयुक्त अभी भी लोकल कमिश्नर का फोन नहीं उठा रहीं तो सहायक सेनेटरी इंस्पेक्टर कह रहे हैं कि उनके पास वार्ड नहीं है। ऐसे में कोर्ट ने तीन गाड़ियां और नगर निगम की अचैट करने के आदेश दिए हैं। 29 सितंबर को अगली सुनवाई में खुद निगम आयुक्त को आना होगा, और बताना होगा कि कोर्ट के आदेश का पालन होगा या नहीं।
कोर्ट में ये अहम बातें आई सामने
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रोहित जैन ने बताया कि कोर्ट में लोकल कमिश्नर पूनम ने अपनी रिपोर्ट देते हुए कहा कि नगर निगम कमिश्नर को उन्होंने फोन किया था, मगर उन्होंने दोबारा से फोन नहीं उठाया। इसके बाद सहायक सेनेटरी इंस्पेक्टर से बात हुई तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें वार्ड नहीं दिए हैं। किसी दूसरे सेनेटरी इंस्पेक्टर से बात करें। इसके आगे काेर्ट को लोक कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि नगर निगम को उनके निर्वहन की कोई चिंता नहीं है और अधिकारी गलत बयानबाजी कर रहे हैं। वहीं नगर निगम की तरफ से अधिवक्ता ने कहा कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है वह पता कर के ही कुछ कह सकते हैं। ऐसे में अधिवक्ता को जानकारी देने के लिए कोर्ट ने समय दिया मगर वह जानकारी नहीं उपलब्ध करा सके।
कोर्ट के आदेश गंभीरता से नहीं लेने के आरोप
अधिवक्ता रोहित जैन ने बताया कि कोर्ट को उनके पक्ष की तरफ से बताया गया कि नगर निगम में सहायक सेनेटरी इंस्पेक्टर बिना जानकारी के उन्हें 21 नवंबर को पत्र लिख रहे हैं। नगर निगम अंबाला शहर के अधिकारियों की कार्यशैली से लग रहा है कि वह कोर्ट के आदेश को लेकर गंभीर नहीं है। ऐसा तब है जब उनके दो वाहन पहले ही अटैच किए जा चुके हैं। ऐसे में उनकी तरफ से तीन वाहनों की सूची और दी गई है। कोर्ट ने तीनों वाहनों को अटैच करने और इसके साथ ही कोर्ट ने आदेश दिए हैं अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी, जिसमें खुद नगर निगम आयुक्त को एक शपथ पत्र लेकर लाना हो कि वह आदेशों का पालन कराएंगी या नहीं।