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दो दिन बाद पहुंची कोरोना वैक्सीन चार घंटे में हो गई खत्म

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संवाद न्यूज एजेंसी
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अंबाला सिटी। कोरोना से बचाव के लिए कोविशील्ड का टीका लगवाने वालों के हाथ तीसरे दिन भी निराशा लगी। हालांकि सुबह के समय विभाग की ओर से को-वाक्सीन व कोविशील्ड की कुल 400 डोज आईटीआई स्थित वैक्सीनेशन सेंटर पर पहुंची थी, जोकि महज चार घंटों में ही खत्म हो गई। दोपहर करीब 2 बजे कोविशील्ड की डोज खत्म होते ही कोविशील्ड का पंजीकरण भी बंद कर दिया गया। इस दौरान एक घंटे में करीब 70 से 80 लोग कोविशील्ड लगवाने के लिए पहुंचे लेकिन सभी को मौजूद कर्मचारियों ने यह कह कर बैरंग लौटा दिया कि हमारे पास अब केवल को-वाक्सीन ही बची है।
वापस जा रहे लोगों का कहना था कि हम आज तीसरे दिन बिना वैक्सीन लगवाए लौटने का मजबूर हो रहे हैं। जबकि गली मोहल्लों में वैक्सीनेशन कैंप लगाकर लोगों को वैक्सीन लगाने का काम किया जा रहा है। जबकि वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन की उपलब्धता होनी चाहिए थी वहां से वैक्सीन ही गायब है। जिले में अभी तक 6 लाख 59 हजार 370 लोगों को टीका लग चुका है। इसमें से 1 लाख 71 हजार 15 को दोनों और 4 लाख 88 हजार 355 को पहला टीका लग पाया है। सोमवार को 3 हजार 685 को टीके लगे। इनमें से 5 फ्रंट लाइन वर्कर को पहली और 271 को दूसरी डोज लगी, 18 से 44 आयु वर्ग में 1487 को पहली और 432 को दूसरी, 45 से 60 आयु वर्ग में 401 को पहली ओर 763 को दूसरी डोज लगी। 60 से अधिक आयु वर्ग में 95 पहली और 231 को दूसरी डोज लगी।
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मैं वैक्सीन की पहली डोज लगवाने के लिए आई थी, यहां आकर पता चला कि वैक्सीन ही खत्म है। बड़ी मुश्किल से पोते-पोतियों को घर छोड़कर आई हूं। मेरा बेटा व बहू दोनों नौकरी करते हैं। पोते-पोतियों की देखभाल मुझे ही करनी है। ऐसे में आज बहु जल्दी घर आ गई तो बेटे के साथ वैक्सीन लगवाने के लिए आई थी। लेकिन कोविशील्ड वैक्सीन न होने की वजह से वापस जाना पड़ रहा है। - शीला देवी
काफी दिनों से वैक्सीन लगवाने की सोच रहा था, लेकिन यह समझ नहीं आ रहा था कि वैक्सीन लगवाएं तो कौन सी लगवाएं। फिर किसी दोस्त ने बताया कि कोविशील्ड वैक्सीन ज्यादा बेहतर है। इसीलिए कोविशील्ड लगवाने का मन बना कर आया था। लेकिन यहां आकर पता चला कि कोविशील्ड तो आज खत्म ही हो गई है। कह रहे हैं कि कल आकर पता कर लेना। - राम बाबू।
हमारा सीरियल की शूटिंग का काम है, हम गाड़ी पर ड्राइवर हैं। अब यहां से शूटिंग समाप्त हो गई है अब हमें हिमाचल निकलना है। इसीलिए वैक्सीन लगवाने के लिए यहां आए थे। यहां मैडम कह रही हैं कि को-वाक्सीन लगवा लो लेकिन हमें तो कोविशील्ड ही लगवाना है। क्योंकि यह वैक्सीन विदेशों में भी मान्य है। - धनंजय यादव।
बड़ी मुश्किल से आज वैक्सीन लगवाने का समय निकला है। यहां आए तो कह रहे हैं कि कोविशील्ड की डोज ही खत्म हो गई है। को-वाक्सीन लगवाने के लिए कह रहे हैं। लेकिन हमें तो लगवानी ही कोविशील्ड है। कह रहे हैं कि कल आकर पता कर लेना, वैसे मैं कल भी आया था उस समय तो गेट पर ताले ही लटके मिले थे। अब कल क्या होगा देखते हैं। - लखविंद्र सिंह।
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आईटीआई में पूरी डोज मुहैया करवा दी थी, जो कि दोनों वैक्सीन को मिलाकर कुल 400 डोज बनती हैं। अब जल्दी खत्म हो गई होंगी। - डॉक्टर सुनिधि, नोडल अधिकारी जिला वैक्सीनेशन।
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