अनाज मंडी अंबाला कैंट में गेहूं खरीद के साथ ही विवाद शुरू हो गया है। यह विवाद खरीद एजेंसियों को लेकर शुरु हुआ है। आढ़ती जहां चाहते हैं कि मंडी में खरीद का कार्य हैफेड पूरा सप्ताह करे, वहीं इसी को लेकर मंत्री अनिल विज के दरबार में आढ़तियों ने दस्तक दी है। इसके लिए इन आढ़तियों ने अपने तर्क भी दिए हैं। हालांकि पहले दिन करीब एक सौ बीस क्विंटल गेहूं की आमद हुई है, जबकि आने वाले दिनों में यह और तेज होगी।
यह कहते हैं आढ़ती
कैंट अनाज मंडी से जुड़े आढ़ती डिंपल बत्तरा, सुंदर लाल, राममूर्ति, संजय कुमार, विजय कुमार अग्रवाल, नीरज गोयल, अजय कुमार, राकेश कुमार, जितेंद्र कुमार का कहना है कि पिछली बार भी एफसीआई एजेंसी ने गेहूं की खरीद की थी, लेकिन कईं परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इनका कहना है कि एजेंसी की ओर से जहां मनमानी की जाती है, वहीं आसपास एजेंसी का कार्यालय तक नहीं है। यही कारण है कि कैंट अनाज मंडी में पूरे सप्ताह हैफेड से खरीद करवाई जाए ताकि यह परेशानियां आढ़तियों को न झेलनी पड़े।
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पहले दिन नहीं हुई खरीद
कैंट अनाज मंडी में शनिवार को 120 क्विंटल गेहूं की आमद हुई है, लेकिन पहले ही दिन आढ़तियों ने इसकी खरीद नहीं की। आढ़तियों का कहना है कि एजेंसी में बदलाव किया जाए और दोबारा से हैफेड एजेंसी से ही गेहूं की खरीद करवाई जाए। ताकि किसानों व आढ़तियों को राहत मिल सके।
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मंत्री को ज्ञापन सौंपकर लगाई गुहार
कैंट अनाज मंडी में एफसीआई द्वारा गेहूं खरीद का कार्य किए जाने के बाद आढ़तियों ने इसका विरोध किया है। इसी को लेकर आढ़तियों ने मंत्री अनिल विज के दरबार में दस्तक दी। आढ़तियों ने मांग की कि कैंट अनाज मंडी में खरीद एजेंसी को बदला जाए।
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मेरे पास आढ़तियों की ओर कोई शिकायत नहीं सौंपी गई। अगर कोई शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई के लिए सबंधित विभाग को भेजा जाएगा।
- कृष्ण कुमार मलिक, मार्केट कमेटी सचिव, अंबाला कैंट