फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शर्तों के फेर में उलझा ठेकेदार, दो माह से 900 कर्मचारी वेतन से वंचित

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला। जिलेभर के नागरिक अस्पतालों में कोरोना योद्धा बनकर काम कर रहे वाले 900 आउट सोर्सिंग के कर्मचारी इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। मई व जून माह में कर्मचारी दिनरात अपनी जान दांव पर लगाकर अस्पतालों, सीएचसी व पीएचसी सेंटरों पर ड्यूटी दे रहे थे। हैरानी की बात है कि उन्हें अभी तक उस माह का एक रुपया तक नहीं मिला।
विज्ञापन

दरअसल, आउट सोर्सिंग पर लगे कर्मचारियों के ठेकेदार में बदलाव कर दिया गया है। अब यह ठेका एमजे सोलंकी कंपनी को सौंपा गया है। अप्रैल माह में चली ठेका बदलने की प्रक्रिया के बाद मई में ठेकेदार ने चार्ज संभाला और अभी तक वह टेंडर की प्रक्रिया ही नहीं पूरी कर सका। एक्रो अकाउंट व कर्मचारियों के पर्याप्त दस्तावेज न जमा कर पाने के लिए जिलेभर के नागरिक अस्पतालों में तैनात 900 कर्मचारियों का वेतन ही रोक दिया गया है। इन कर्मचारियों में चतुर्थी श्रेणी कर्मचारियों के साथ-साथ डाटा ऑपरेटर, लिफ्टमैन आदि शामिल हैं। जो दूसरों से पैसे मांगने या फिर अपनी सेविंग के भरोसे ही काम कर रहे हैं। बता दें कि अंबाला शहर, छावनी अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी में कर्मचारी इस परेशानी से जूझ रहे हैं।
कर्मचारी बोले: कोरोना के काम करने का यह मिल रहा नतीजा
नागरिक अस्पताल में तैनात कर्मचारियों को मई व जून माह का वेतन नहीं मिला है और अब जुलाई माह भी चल पड़ा। कई बार वह अस्पताल प्रबंधन सहित आलाधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं केवल उन्हें जल्द मेहनताना मिलने का आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। कोरोना काल में दी सेवाओं का लाभ तो क्या मिला, उल्टा मेहनताना ही रोक दिया है।
विज्ञापन

गुरुग्राम सहित जींद व झज्जर में भी नहीं मिला वेतन
दरअसल, एमजे सोलंकी कंपनी के पास अंबाला के अलावा जींद, गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर के भी आउट सोर्सिंग कर्मचारियों का ठेका है और उन्हें भी अभी तक दो माह से वेतन नहीं मिला है। जींद में 700, गुरुग्राम में 700, सोनीपत में 608, झज्जर में 500 कर्मचारी वेतन से वंचित है।
करीब दो सौ आउट सोर्सिंग के कर्मचारी छावनी नागरिक अस्पताल में हैं। सभी का वेतन दिलवाने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है ताकि कर्मचारियों को उनके दो माह का वेतन मिल सके। ठेके की शर्तें जैसे खाता न खुलने व दस्तावेज पूरे न होने के कारण नया ठेकेदार वेतन नहीं दे पा रहा।
-डॉ. विनय गोयल, डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट नागरिक अस्पताल छावनी
अप्रैल माह में नया ठेका मिला है लेकिन 26 मई से उन्होंने प्रक्रिया शुरू की थी। सभी कर्मचारियों के दस्तावेज भी नहीं मिल रहे थे वहीं एक्रो अकाउंट खुलने की भी प्रक्रिया चल रही है। दस्तावेजों की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अकाउंट खुलते ही सभी की सैलरी भेज दी जाएगी।
विज्ञापन

-राजपाल, ठेकेदार, एमजे सोलंकी कंपनी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें