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बच्चों को गुरबाणी से जोड़ना ही सच्ची श्रद्धा : तरविंद्रपाल सिंह

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अंबाला सिटी। गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब में श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज का प्रकाश पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर संगत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष नतमस्तक होकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान दविंद्र सिंह सोढी ने कहा कि खालसा पंथ के सृजनहार श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज एक महान एवं कुशल योद्धा, कवि, चिंतक, आध्यात्मिकता से परिपूर्ण एवं अदम्य साहस की मूर्ति रहे। उनका अस्तित्व पूर्णतया अलौकिक रहा। देश-दुनिया के सामने गुरु साहिब ने जो मिसाल पेश की, उसका कोई सानी नहीं।
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उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने अपना सरबंस धर्म कौम के लिए न्यौछावर कर दिया लेकिन अपना धर्म नहीं त्यागा, इसलिए हमें भी दशमेश पिता की शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। समागम में अंबाला छावनी के हरप्रीत सिंह ने भी संगत को गुरु इतिहास से जोड़ते हुए शबद कीर्तन किया। इसके अलावा मनदीप सिंह हजूरी रागी जत्थे और हरदीप सिंह ने भी संगत को कीर्तन श्रवण करवाया जबकि केवल सिंह के ढाडी जत्थे ने भी ढाडी वारों से संगत को जोड़ा।
उधर, गुरुद्वारा श्री बादशाही बाग में हुए कीर्तन समागम में अंतरराष्ट्रीय गुरबाणी कथावाचक ज्ञानी साहिब सिंह शाहाबाद मारकंडा वालों ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज के जीवन इतिहास से संगत को जोड़ते हुए गुरबाणी से जुड़ने का आह्वान किया।
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समागम में दरबार साहिब श्री अमृतसर साहिब के हजूरी रागी गुरपेज सिंह ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया जबकि गुरदेव सिंह पटियाला वालों ने भी संगत को ऐतिहासिक पलों से जोड़ा। समागम में पहुंचे जत्थों को हरियाणा कमेटी के कार्यकारिणी समिति सदस्य तरविंद्रपाल सिंह, सदस्य हरपाल सिंह कंबोज ने सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया।
समागम में चरणजीत सिंह टककर, सतिंद्र सिंह, भूपिंद्र सिंह चड्ढा, मनजीत सिंह बब्बू, जगजीत सिंह, रजिंद्र सिंह ओबराय, हरभजन सिंह, मैनेजर प्रीतपाल सिंह, हैड ग्रंथी सतनाम सिंह व मीत मैनेजर अर्जुन सिंह ने भी विशेष रूप से शिरकत की।

इस अवसर पर कार्यकारिणी समिति सदस्य तरविंद्रपाल सिंह ने कहा कि अपने बच्चों को गुरबाणी से जोड़ना ही गुरु साहिब के प्रति सच्ची श्रद्धा है। हमें अपने बच्चों को गुरु इतिहास की जानकारी देनी चाहिए और उन्हें गुरु साहिबान की शिक्षाओं को जीवन में धारण करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
इसके अलावा अंबाला के गुरुद्वारा श्री लखनौर साहिब पातशाही दसवीं और गुरुद्वारा साहिब पातशाही दसवीं गेंदसर साहिब में भी श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज का प्रकाश उत्सव मनाया गया। गुरुद्वारा लखनौर साहिब में सतिंद्रपाल सिंह हजूरी रागी श्री दरबार साहिब श्री अमृतसर साहिब व अमृतपाल सिंह हजूरी रागी गुरुद्वारा श्री लखनौर साहिब, बीबी रणजीत कौर के ढाडी जत्थे, जोबनप्रीत सिंह कविशरी जत्थे, बीबी सतनाम कौर के ढाडी जत्थे ने संगत को गुरु इतिहास से जोड़ा।
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