अंबाला सिटी। स्वच्छता अभियान कार्यक्रम में पहुंचे राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के समक्ष रविवार को प्रोटोकाल तोड़ एक महिला ने हंगामा शुरू कर दिया। उसका कहना था कि स्वच्छता की हकीकत देखनी है तो वाल्मीकि नगर बस्ती में चलिए, जहां सफाई कर्मी भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। इस दौरान उसने शहर विधायक मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। हरकत में आए सुरक्षाकर्मियों ने महिला को हिरासत में ले लिया। पूछताछ और जांच के बाद वह कांग्रेस की जिला प्रवक्ता लक्ष्मी देवी निकली। पुलिस ने आरोपी महिला पर केस दर्ज कर लिया, जिसे बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
दरअसल, शहर के वाल्मीकि नगर नाहन हाउस में रविवार को जिला स्वच्छता अभियान कार्यक्रम में हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ करने के लिए राज्यपाल ने जैसे ही औपचारिक रूप से सड़क की सफाई शुरू की तभी अचानक कांग्रेस जिला प्रवक्ता महिला लक्ष्मी देवी आ धमकी। महिला ने कहा कि कार्यक्रम में तो आएं हैं, बस्ती के अंदर का हाल भी जान लें, जहां नाले व नालियां गंदगी से भरी पड़ी हैं। शहर के ज्यादातर सफाई कर्मचारी वाल्मीकि नगर के ही रहने वाले हैं, जो नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। महिला ने भाजपा सरकार और शहर विधायक के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी। यह देख सुरक्षाकर्मी हरकत में आए। उन्होंने महिला को हिरासत में ले लिया। वहीं कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने बस्ती में रियल्टी चेक करने के लिए पास के नाले में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया तो निगम अधिकारियों के दावों की पोल खुल गई। राज्यपाल ने नाले में झाड़ू का डंडा डाला तो वह उसी में धंस गया। जबकि इससे पहले निगम की ओर से नाले की सफाई का दावा किया गया था, लेकिन उसमें गाद भरी मिली। इस पर राज्यपाल ने निगम अधिकारियों से जवाब तलब किया है। साथ ही सभी नालों की बेहतर साफ-सफाई के निर्देश दिए हैं।
महिला बोली- कांग्रेस नहीं वाल्मीकि समाज की ओर से रखी बात
महिला लक्ष्मी देवी ने कहा कि उसने कांग्रेस पार्टी की तरफ से नहीं बल्कि वाल्मीकि समाज की तरफ से अपनी बात रखी राज्यपाल के समक्ष रखी है। राज्यपाल के सामने उनका गलत संदेश दिया गया कि वह विधायक के खिलाफ बोल रही हैं, तब उन्होंने विधायक मुर्दाबाद के नारे लगाए।
कांग्रेसियों व वाल्मीकि समाज के लोगों ने किया प्रदर्शन
लक्ष्मी देवी को हिरासत में लेने और केस दर्ज होने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं और वाल्मीकि समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जमानत पर रिहा होने के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत हुआ।