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हत्यारोपी का कुबूलनामा: बोला बहनोई और अंबाला के नेता की वजह से बहन को मारा, इन्हें भी मिले सजा

Tue, 12 Dec 2023 05:05 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)

सार

आरोपी मेरठ में रहने वाले लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य से भी संपर्क में था। हत्यारोपी रमन वीडियो में आगे कहता है कि हत्या की दूसरी वजह अंबाला का एक नेता है
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आरोपी करण, मृतका भावना जायसवाल का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अंबाला में बहन की हत्या के मामले में आरोपी भाई रमन ने आत्मसमर्पण करने से पहले सोशल मीडिया पर वीडियो भी जारी की थी। जिसमें आरोपी ने हत्या करने का कारण बहनोई और अंबाला के एक नेता को बताया है। हालांकि नेता ने इस मामले से अपना कोई संबंध नकार रहे हैं। इस वीडियो में हत्यारोपी रमन जयसवाल कहता है कि सभी भाइयों को रामराम। सभी अंबालावासियों को मेरा प्रणाम।

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बहनों और भाइयों और माताओं जो आज ये हादसा हुआ हमारे साथ इस हादसे के लिए हम मजबूर हो गए थे। ऐसा हुआ कि जिस लड़के से हमारी बहन मेरठ में ब्याही गई थी वह भी झूठ बोलकर शादी कराई गई थी। लड़का मांगलिक था। नौ दिन में उसकी मां और बाप ने शादी करा दी थी।

शादी डॉट कॉम से हमारा रिश्ता हुआ था और उसके बाद शादी के एक महीने बाद ही हमारी बहन को यह लड़का मेरठ रात के साढ़े 10 या 11 बजे के करीब अकेला छोड़कर आ गया था। उस दिन ही मैंने सोच लिया कि हमारी बहन तो आज ही मरेगी। मगर हमने अपनी मां को कहा था कि रिश्ता तोड़ दो, मगर हमारे मम्मी और पापा यही कहते थे कि घर बसाना है।
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ससुरालीजनों को कभी 30 हजार तो कभी 45 हजार रुपये तो कभी कुछ तो कभी कुछ दिए। यहां तक कि अपनी बहन के लिए भी हम 20, 50 रुपये तक हम भेजते थे। ठीक है, चलो कोई बात नहीं। दूसरी बात जब शादी के एक महीने बाद रात को 11:00 बजे बहन को छोड़ आया था, मेरी बहन लिफ्ट लेकर घर पहुंची थी। अगर उस रात वह मर जाती, कुछ हो जाता तो मैंने उनसे यह बात कही थी तो उनका कहना था कि चलो गलती हो गई कोई बात नहीं। ठीक है जी, यह गलती नहीं थी यह गुनाह था तुम्हारा जो आज यह बात हो गई यहां तक। उस दिन किसी और के हाथों से मर जाती लेकिन आज अपनों के हाथों ही मारी गई है। 

नेता पर पर यह लगाए आरोप
हत्यारोपी रमन वीडियो में आगे कहता है कि हत्या की दूसरी वजह अंबाला का एक नेता है। वह 10 दिन पहले हमारी गली में सफाई के लिए आया था। यह गंदे नेता हैं, क्या आंसू रोने पड़ रहे हैं, क्या दिन देखना पड़ रहा है कि हमारे को अपनी बहन पर चाकुओं से वार करना पड़ गया। कोई बात नहीं, कल हमारी बहन के बयान हो रहे थे। इस बंदे (नेता) ने हमारी बहन को फोन कर रखे थे। ठीक है उसके देखो नाती पोते हैं और हमारी बहन कहां, जिसकी वजह से सबकुछ हुआ। पता तो हमें परसों का था 7.48 बजे इसकी (नेता) कॉल आई हुई है मेरी बहन के फोन पर, मैंने फोन चैक कर लिया था। यह गंदा इंसान है। ऐसे इंसान को बस वक्त ही जवाब देगा। हम कुछ कर नहीं सकते। वक्त आने पर ही जवाब जरूर देंगे इसको और अंकुर को। वैसे शुरुआत मेरठ वालों से हुई है और अंत में फायदा ये लोग उठा रहे थे। कोई बात नहीं आगे पता लगेगा। 

माता पिता और बहन से मांगी माफी
वीडियो में हत्यारोपी कहता है कि मैं अपने मां बाप से एक ही बात कहता हूं मुझे माफ करना और अपनी बहन से भी हे बहन मुझे माफ करियो। मुझसे जो हुआ है वह एक मजबूरी थी। हमें यह भी पता लग रहा था कि आठ महीने से कभी हमारी बहन ने शादी से पहले आज तक किसी से जिंदगी में पैसे नहीं मांगे। हम खुद खुल्ले खर्चे करते थे। शादी के बाद सरेआम लोगों से पैसे मांगने के फोन आते थे।  सिर्फ इन्हीं लोगों की वजह से, कोई बात नहीं भाई आज हमारी बहन पैसे के वैसे मारी गई। कोई बात नहीं, पर एक दिन याद रखना अंकुर और नेता तुमने जो करना हमारे साथ इसका अंजाम बहुत बुरा होगा। हम तो कल के मरते आज मर जाएं, कोई बात नहीं, हम तो पूरी जिंदगी जेल काट लेंगे। मरना सबने एक दिन है । मेरी गृह मंत्री से यही प्रार्थना है, आज मैं कोर्ट में सरेंडर कर दूंगा या विज साहब के दफ्तर पर कर दूंगा। कहीं भी सरेंडर कर दूंगा। मेरी यही हाथ जोड़कर यही प्रार्थना है कि इन दोनों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और पर्चे दर्ज होने चाहिए। 

लॉरेंस गैंग के सदस्य और दूसरे व्यक्ति से हैं संबंध
हत्यारोपी आगे वीडियो में कहता है कि एक बात और कहना चाहूंगा भाइयों, मेरी बहन मेरठ शहर में जैन नगर में ब्याही गई थी और मेरठ शहर के अंदर अपना एक प्रेमी भाई है जो कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का केसबार है। अंबाला में जिसने जीतू को मारा था उसका, मेरा और मेरठ वाले भाई का आपस में काफी प्यार है। उससे जेल में मेरा संपर्क हुआ था। आपस में हम जेल में इकट्ठे थे। कई बार बाहर इनको मिले, कोर्ट के अंदर भी मिले। इस पर मैं आपसे एक प्रार्थना करना चाहूंगा। भाइयों, मेरी बहन का बदला मेरठ वालों पर शुरु हुआ है इन पर ही खत्म होगा। हम मरें या जीएं कोई फर्क नहीं पड़ता। हमारी भांजी वहां पर है, किसी तरह से उसे बुलाकर बहन को दाग लगवा दो हम यही चाहते हैं। हमारी बहन तो मर गई और हम भी मर गए।

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