संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी स्थित उपमंडल भवन में सोमवार को आयोजित समाधान शिविर में पारिवारिक विवादों से लेकर, राजस्व विभाग की लेटलतीफी और साइबर ठगी के मामले सामने आए। शिविर का सबसे दिलचस्प और विडंबनापूर्ण पहलू यह रहा कि जिस उपमंडल भवन में प्रशासन लोगों की समस्याएं सुन रहा था, उसी भवन की बदहाली को लेकर छावनी बार एसोसिएशन के वकीलों ने एसडीएम के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया।
जिस भवन में शिविर, उसी की बदहाली पर वकीलों का फूटा गुस्सा
उपमंडल बार एसोसिएशन अंबाला कैंट के प्रतिनिधियों ने शिविर में पहुंचकर मिनी सचिवालय परिसर में चरमराई सफाई व्यवस्था और अव्यवस्थाओं को लेकर एसडीएम को मांग पत्र सौंपा। वकीलों ने कहा कि पूरे परिसर में गंदगी के अंबार लगे हैं और बदबू के कारण वहां बैठना तक मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि निर्माण के समय से ही बेसमेंट पार्किंग में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पानी भरा रहने से इस बहुमंजिला सरकारी इमारत की नींव को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
इसके अलावा, बेसमेंट में अव्यवस्थित पार्किंग और मेटल बैरियरों के कारण अक्सर गाड़ियां फंस जाती हैं। महिला वकीलों और महिला फरियादियों के लिए कोई अलग शौचालय न होने पर भी गहरा रोष व्यक्त किया गया।
वकीलों ने बताया कि जन सुविधा के लिए लगाई गई एलईडी टीवी भी सिर्फ धूल फांक रही हैं। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई, महिला शौचालय, जल निकासी और पार्किंग व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वह मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत करेंगे।
एआई से फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर मां से ऐंठे रुपये, जान से मारने की धमकी
चंद्र रूप नगर निवासी आंगनवाड़ी वर्कर राजिंद्र कौर ने अपने ही 32 वर्षीय बेटे के खिलाफ शिकायत दी। बेटा नशे का आदी है। पहले उसने विदेश भेजने का झांसा देकर 1.40 लाख रुपये ऐंठे। अब उसने हाईकोर्ट में माली की सरकारी नौकरी लगने की झूठी कहानी सुनाई।
मां को विश्वास दिलाने के लिए इस कलयुगी बेटे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल कर एक फर्जी जॉइनिंग लेटर तैयार किया और उन्हें दिखा दिया। नौकरी के नाम पर रिश्वत देने की बात कहकर उसने मां से करीब 50 हजार रुपये और ठग लिए।
जब मां को इस पूरी फर्जीवाड़े की सच्चाई पता चली, तो आरोपी बेटे ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। महिला अपने पोते को लेकर पिछले दो दिनों से घर से बाहर छिपकर रहने को मजबूर है।
इंतकाल के लिए महीनों से कटवा रहे चक्कर
दयालबाग निवासी सोनिया ने बताया कि वह अपनी जमीन का इंतकाल दर्ज करवाने के लिए इसी साल मार्च महीने से पटवारखाने के चक्कर काट रही हैं। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हारकर उन्हें समाधान शिविर का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
महेश नगर निवासी भूतपूर्व सैनिक रोहताश ने बताया कि उनकी पुत्रवधू के नाम 157 गज का मकान है, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में इसे गलती से 113 गज दर्ज कर दिया गया है। इस भारी त्रुटि को ठीक कराने के लिए वह साल 2023 से सरकारी दफ्तरों की खाक छान रहे हैं, लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ।
लाइसेंस के लिए दूसरे सप्ताह भी नहीं मिला समाधान
रामनगर के रहने वाले अमनदीप सिंह भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्हें फोर्कलिफ्ट ट्रक का लाइसेंस बनवाना है। लर्निंग लाइसेंस तो बन गया है, लेकिन पक्का लाइसेंस जारी करने में अड़चनें पैदा की जा रही हैं।पिछले सप्ताह के समाधान शिविर में भी उन्होंने यही शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आज वह दूसरी बार उम्मीद लेकर शिविर में पहुंचे हैं।
छावनी स्थित उपमंडल भवन में आयोजित समाधान शिविर में शिकायत सुनती एसडीएम कनिका गोयल। संवाद
छावनी स्थित उपमंडल भवन में आयोजित समाधान शिविर में शिकायत सुनती एसडीएम कनिका गोयल। संवाद