मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीरवार को जिला नागरिक अस्पताल का निरीक्षण कर कोविड मरीजों के लिए किए गए इंतजाम आंकलन किया। इससे पूर्व उन्होंने ट्रामा सेंटर अंबाला शहर में स्थापित किए गए ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर प्लांट का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में जो भी व्यवस्थाएं हैं, प्रतिदिन रियल टाइम में उन्हें अपडेट किया जाए और इसे डिसप्ले भी किया जाए। जिससे लोगों को पता चल पाए की किस अस्पताल में बेड और वेंटिलेटर आदि की वास्तविक स्थिति क्या है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के लिए जो भी व्यवस्थाएं की गई हैं, उन्हें छुपाया न जाए। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को दवाइयों की किट इत्यादि समय पर दी जाएं और डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम रोगी के घर जाकर उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखें। इसे पहले डीसी सहित सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप, पीएमओ डॉ. संतलाल वर्मा और डॉ. विजय वर्मा, डॉ. पवनीश अग्रवाल ने सीएम का स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अस्पताल में मौजूद बुजुर्गों से व्यवस्था के बारे में बातचीत भी की।
उपकरणों की कालाबाजारी न हो, व्यवस्था बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में यह भी निर्देश दिए कि ऑक्सीमीटर, डिजिटल थर्मामीटर, ऑक्सीजन सिलिंडर, दवाओं आदि खाने-पीने की वस्तुओं, सरसों के तेल इत्यादि की कालाबाजारी न हो और लोगों को उचित दाम में मिले, इस ओर भी विशेष तौर पर जिला प्रशासन ध्यान रखें।
जिले में 750 ऑक्सीजन बेड
समीक्षा बैठक में उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा और सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि कुल 966 बेड उपलब्ध हैं इनमें से 750 ऑक्सीजन बेड हैं, जबकि 119 आईसीयू बेड हैं। 7 मैक्रो कंटेनमेंट जोन और 104 माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। कोविड रोगियों के इलाज के लिए जिला में 11 अस्पताल हैं। जिनमें से 5 सरकारी तथा 6 प्राइवेट हैं।
बिना बोर्ड की अनुमति के नहीं मिलेगी रेमडेसिविर
मुख्यमंत्री के पूछने के बाद रेमडेसिविर की स्थिति के बारे में बताते हुए सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि जब भी किसी प्राइवेट अस्पताल से रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिमांड आती है तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित तीन डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा यह निर्णय लिया जाता है कि क्या वास्तव में ही उन्हें इस इंजेक्शन की जरूरत है? उसके बाद ही आपूर्ति होती है। दवाई की किसी प्रकार की कमी नहीं हैं। सीएमओ डॉक्टर कुलदीप सिंह ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन को व्यक्तिगत तौर पर उपलब्ध नहीं करवाया जाता। केवल प्राइवेट अस्पताल को ही डॉक्टरों के गठित बोर्ड की स्वीकृति के बाद ही रेमडेसिविर उपलब्ध करवाया जाता है।