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मार्केट बंद होने पर दुकानदारों में रोष, बोले वार देखकर मार्केट में नहीं आता कोरोना

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कोरोना को मात देने के लिए प्रशासन के कपड़ा मार्केट को बंद रखने के फैसले के विरोध में कपड़ा व्यापारियों ने जम कर बवाल काटा। इस दौरान कपड़ा मार्केट होने पर दुकानदारों ने एसडीएम से मुलाकात की और प्रशासन से सवाल करते हुए पुछा है कि क्या कपड़ा मार्केट को बंद कर देने से कोरोना के संक्रमण पर काबू पाया जा सकता है। क्या कोरोना वार देख कर आएगा, अगर आएगा तो क्या सिर्फ कपड़ा मार्केट तक सीमित है। उन्होंने मांग की है कि अगर बंद करना है तो पूरे अंबाला मार्केट को बंद किया जाए। बता दें की गत रविवार को स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए यहां से करीब 1350 सैंपल एकत्रित किए थे। जिसके बाद जिला प्रशासन ने शहर की कपड़ा मार्केट को दो हिस्सों में बांटते हुए सप्ताह में केवल तीन दिन खोलने के आदेश दिए हैं।
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प्रिंस कुमार ने बताया कि पहले ही ग्राहक डर के मारे मार्केट में खरीददारी करने नहीं आ रहे हैं। जो अब रहा सहा है वह प्रशासन तीन तीन दिन मार्केट बंद कर दुकानदारी खत्म कर रहा है। अच्छा होता कि पूरे शहर को बंद कर सभी के सैंपल किए जाते।
जस्सी कुमार ने कहा कि किराये की दुकानें ऊपर से दुकानों के खर्चे व अपने परिवार का भरण पोषण ऐसे हालातों में निकाल पाना मुश्किल होता जा रहा है। प्रशासन को कोरोना सिर्फ कपड़ा मार्केट में ही दिखाई दे रहा है। क्योंकि यहां सैंपल हो चुके हैं।
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सौरभ गाबा ने कहा कि कपड़ा मार्केट ने हमेशा प्रशासन का साथ दिया है। लॉकडाउन में भी किसी व्यापारी ने भारी बारिश के बाद भी दुकान खोलकर नहीं देखा कि उसकी दुकान में पानी गया है या नहीं। केवल कपड़ा मार्केट के व्यापारियों पर ही सख्ती दिखाई है।
राजू आहूजा ने कहा कि शहर की अति व्यस्ततम मार्केट जैन बाजार, तंदूरा बाजार, पटेल रोड, मानव चौक जहां की मार्केट के रास्ते भी सघन हैं कि चार आदमी भी इकट्ठे नहीं चल सकते। क्या प्रशासन को वहां भी सैंपल नहीं करवाने चाहिए।
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