अंबाला। मानसून से पहले कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला ने अपने क्षेत्र को जलभराव से बचाने के लिए रणनीति तैयार कर ली है। इस बार बोर्ड ने ड्रेनों की केवल सफाई ही नहीं, बल्कि उनके बुनियादी ढांचे को भी दुरुस्त करने का फैसला किया है, इसके लिए 22 लाख रुपये की एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। इस पर जल्द ही काम शुरू होने जा रहा है।
गुडगुडिया नाले की गाद निकालेगी मशीन
कैंट बोर्ड के अधीन आने वाला सबसे प्रमुख गुडगुडिया नाला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना रहता है। इस बार बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मैन्युअल सफाई के साथ-साथ आधुनिक मशीनों का भी सहारा लिया जाएगा। नालों की गहराई से सफाई और भारी गाद निकालने के लिए पोकलेन मशीनों की मदद ली जाएगी ताकि कहीं कोई कमी न रहे, इसके अलावा मुख्य नालों के साथ-साथ शहर की फीडर ड्रेनों को भी आपस में जोड़ा और साफ किया जाएगा।
मरम्मत पर भी रहेगा जोर
अक्सर देखा गया है कि सफाई के बावजूद नालों की दीवारें टूटी होने या किनारों पर दरारें होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आ जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए रिपेयरिंग कार्य करवाया जाएगा इसके तहत सफाई के साथ-साथ नालों की डैमेज हो चुकी दीवारों की मरम्मत होगी। वहीं, पानी की निकासी में बाधा डालने वाले अवरोधों को हटाया जाएगा ताकि भारी बारिश में भी जलनिकासी सुचारू रहे।
मानसून के दौरान क्षेत्र वासियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए 22 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है। पोकलेन की मदद से गहरी सफाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि पानी का बहाव बना रहे और जलभराव की स्थिति पैदा न हो।
- राहुल आनंद शर्मा, सीईओ, कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला।