फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर निगम में 30 क्लर्कों की स्थायी नियुक्ति, कांट्रेक्ट कर्मचारियों पर लटकी तलवार

विज्ञापन
civic - फोटो : Ambala
विज्ञापन
अंबाला। राज्य सरकार की ओर से चयनित 30 क्लर्कों को अंबाला शहर नगर निगम में नियुक्ति मिल गई है। स्थायी क्लर्कों की नियुक्ति से अब कांट्रेक्ट पर निगम को सेवाएं देने वाले कर्मचारियों की नौकरी पर तलवार लटकती दिख रही है। निगम की बात करें तो अभी 45 क्लर्कों के पद ही स्वीकृत हैं । ऐसे में कई कर्मचारियों की छुट्टी होना तय माना जा रहा है। यह पहला मौका है जब अंबाला शहर नगर निगम के गठन के बाद एक साथ इतने क्लर्कों को नियुक्ति मिल रही है।
विज्ञापन

स्टाफ की किल्लत झेल रहे नगर निगम मेें पिछले लंबे समय से स्थायी कर्मचारियों की डिमांड हो रही है। क्लर्क के कई पद खाली होने की वजह से निगम की ओर से यूएलबी को लगातार डिमांड भेजी जा रही थी। क्लर्कों के साथ कई दूसरे पद भी लंबे समय से खाली पड़े हैं। इन पदों को भरने के लिए अस्थायी नियुक्तियां भी की गई थी।
नई नियुक्तियों के बाद काम में आएगी तेजी
30 नए क्लर्कों की नियुक्ति से अब काम में तेजी आने की बात कही जा रही है । असल में निगम की हर ब्रांच में कर्मचारियों का टोटा है। पर्याप्त कर्मचारी न होने की वजह से निगम की योजनाओं पर गंभीरता से काम नहीं हो पा रहा था। इसकी वजह से लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। मगर अब क्लर्कों के पद पूरे होने के बाद लोगों की समस्याओं का भी स्थायी समाधान होने की बात कही जा रही है । हालांकि अभी ज्यादातर शाखाओं में कई अहम पद खाली पड़े हैं।
विज्ञापन

8 से 10 साल से दे रहे हैं सेवाएं
बता दें कि अंबाला नगर निगम अभी तक अनुबंध आधार पर कार्यरत क्लर्कों के भरोसे ही चल रहा था। करीब 30 अनुबंधित कर्मचारी ही नगर निगम को चला रहे थे लेकिन नियमित क्लर्क आने से अब इनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। करीब 15 क्लर्क अब स्वीकृत पदों से अधिक हो गए हैं। ऐसे में अब इनकी नौकरी गई तो यह रोड पर आ जाएंगे क्योंकि कोरोना काल में नौकरियों का संकट पहले ही आया हुआ है। दूसरा इनमें से कुछ तो ओवरऐज भी हो चुके हैं। जिनके पास कोई विकल्प नहीं है।
जनसंख्या के लिहाज से पर्याप्त नहीं है सफाई कर्मचारी
अभी अंबाला शहर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की संख्या भी पर्याप्त नहीं है। पहले अंबाला शहर व अंबाला कैंट निगम की हद में थे । मगर बाद में अंबाला नगर निगम भंग होने के बाद अंबाला शहर नया नगर निगम बन गया जबकि अंबाला कैंट में नगर परिषद को दर्जा मिल गया। जनसंख्या के लिहाज से अभी अंबाला शहर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की संख्या भी पर्याप्त नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें