अंबाला। पिपली में लाठीचार्ज के बाद अब किसानों ने तीन कृषि अध्यादेशों के विरोध के लिए नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए बड़े आंदोलन की तैयारी भी शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में रविवार को पंजोखरा साहिब में किसानों की बड़ी मीटिंग हुई। जिसमें एकजुट किसानों ने किसानी बचाओ आंदोलन को मजबूत बनाने का ऐलान किया। उधर मोहड़ा में किसानों ने भाजपा-जजपा नेताओं के बहिष्कार की भी शुरूआत कर दी। गांव में कई जगह ऐसे होर्डिंग लगाए गए हैं। दूसरी ओर किसान नेता गुलाब सिह मानकपुर ने विरोध स्वरूप काले कपड़े पहनने का ऐलान किया । उन्होंने कहा कि वह तब तक काले कपड़े नहीं उतारेगा जब तक इस मुद्दे पर किसानों को जीत नहीं मिलेगी
पड़ोसी गांवों के किसानों ने लिया हिस्सा
पंजोखरा साहिब में आयोजित मीटिंग में पड़ोसी गांव मंडौर, जनेतपुर, बरनाला, गरनाला, खतौली व कलरहेड़ी के किसानों ने भी हिस्सा लिया। लाठीचार्ज के दौरान जख्मी हुए कांग्रेसी नेता हरबीर महल ने भी मीटिंग में विशेषतौर पर हिस्सेदारी की। इस दौरान उन्होंने गृहमंत्री अनिल विज के उस बयान को झूठा करार दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि किसानों पर कोई कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ। उन्होंने सभी किसानों से किसानी धर्म से जुड़ने का भी आह्वान किया। किसान नेता तेजबीर सिंह ने कहा कि आंदोलन को मजबूत करने के लिए अगले कुछ दिनों में किसानों की बड़ी मीटिंग होगी। इसकी तारीख का जल्द ऐलान कर दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से एकता को मजबूत करने का भी आह्वान किया है। इस दौरान किसान यूनियन के जिला प्रधान मलकीत सिंह, गुलाब सिंह मानकपुर, जय सिंह जलबेडा,दलजीत सिंह गरनाला, सुखविंदर सिंह जलबेहड़ा, अमरजीत सिंह मोहड़ी, बलजिंदर सिंह भी विशेषतौर पर मौजूद रहे।
मोहड़ा-तेपला में भाजपा-जजपा का विरोध शुरू
किसानों ने पिपली में हुए लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा-जजपा सरकार का विरोध शुरू कर दिया है। मोहडा- तेपला में तो किसानों ने दोनों पार्टियों के नेताओं के बहिष्कार की बात कही है। दोनों गांवों में किसानों की ओर से होर्डिंग्स भी लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वे दोनों पार्टियों के नेताओं को गांवों में भी घुसने नहीं देंगे।