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2000 दुकानदारों को मिली राहत, सरकार ने दो महीने का किराया किया माफ

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लॉकडाउन की वजह से आर्थिक संकट से जूझ रहे करीब 2000 दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है। नगर निगम व नगर परिषद ने इन दुकानदारों का दो महीने का किराया माफ किया है। पहले राज्य सरकार ने इन दुकानदारों को देरी से किराया जमा करवाने पर जुर्माने से राहत दी थी। लेकिन अब सभी दुकानदारों का 15 मार्च से 15 मई 2020 तक का किराया माफ करने का एलान किया है। इस बारे में नप व निगम अधिकारियों को आदेश भी जारी कर दिए हैं। उधर, राज्य सरकार के इस फैसले पर दुकानदारों ने खुशी जताई है।
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देश में कोरोना की वजह से लॉकडाउन के कारण सभी दुकानदारों का काम बंध पड़ा था। जिससे उनके के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। हालांकि लॉकडाउन-3 और 4 के दौरान मिली रियायतों के बाद दुकानदारों की कुछ परेशानी कम हुई हैं।
खजाने में आता है करीब तीन करोड़ का राजस्व
अंबाला शहर नगर निगम व अंबाला सदर नगर परिषद के पास इस समय करीब 2000 दुकानें हैं। नगर निगम के पास इस समय 945 व नप के पास किराए की ऐसी 938 दुकानें हैं। इन दुकानों के जरिए हर साल राज्य सरकार को करीब तीन करोड़ का राजस्व मिलता है। दो महीने का किराया माफ करने से सरकार को होने वाले नुकसान का भी आंकलन किया जा रहा है। यूएलबी की ओर से इसकी पूरी जानकारी मांगी गई है।
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दोपहिया मार्केट के दुकानदारों ने जताया आभार
राज्य सरकार द्वारा दुकानदारों का दो महीने का किराया माफ होने पर कैंट की दो पहिया मार्केट के दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। यह पूरी मार्केट नगर परिषद की है। मार्केट की ज्यादातर दुकानों में दो पहिया वाहनों की रिपेयर का काम होता है। कई दुकानदार वाहनों की सेल परचेज का काम भी करते हैं। मार्केट एसोसिएशन के प्रधान राजेश ढींगरा ने कहा कि यह अच्छी बात है कि सरकार ने उनकी समस्या का समाधान करने में दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मार्केट में आमने सामने कोई दुकानें नहीं हैं। इसलिए पूरी मार्केट को छह दिन खोलने की परमिशन दी जानी चाहिए।
यूएलबी की ओर से आदेश आ चुके हैं। सरकार ने निकाय की सभी दुकानों के किरायेदारों का दो महीने का किराया माफ कर दिया है। सभी का 15 मई तक किराया माफ किया गया है। दुकानदारों की भी यह मांग थी कि लॉकडाउन की वजह से वह बेरोजगार हो गये हैं। अभी हम किराया माफी से सरकार को होने वाले नुकसान का आंकलन कर रहे हैं।
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सुरेंद्र राणा, रेंट क्लर्क, अंबाला सदर।
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