लॉकडाउन-3 में सोशल डिस्टेंसी को लेकर राज्य सरकार सख्त दिख रही है। इसी वजह से बाजारों में इस नियम को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए गए हैं। कोरोना वायरस को रोकने के लिए इस नियम को काफी अहम माना जा रहा है। बाजारों में व्यवसायिक गतिविधियां शुरू होने के साथ ही अब शहरी निकाय विभाग भी सख्त हो गया है। खरीदारी के दौरान सोशल डिस्टेंसी का नियम तोड़ने वाले खरीदारों व दुकानदारों के खिलाफ जुर्माने की व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए नगर निगम, नगर परिषद व नगरपालिका अधिकारियों को नियम तोड़ने वालों के खिलाफ 25 से लेकर 500 रुपये तक के जुर्माना वसूलने का अधिकार दिया है।
इसलिए सख्ती के देने पड़े आदेश
दरअसल लॉकडाउन का तीसरा चरण चार मई से शुरू हो गया है। तीसरे चरण में राज्य सरकार ने केंद्र के आदेश पर रेड, ऑरेंज व ग्रीन जोन में शर्तों के साथ व्यवसायिक गतिविधियां शुरू करने के आदेश जारी किए थे। मगर पहले दिन ही बाजारों में सोशल डिस्टेंसी की धज्जियां उड़ती दिखाई दी। बड़ी संख्या में राज्य सरकार के पास इसकी शिकायतें पहुंची। इसके लिए बीते रोज राज्य के मुख्य सचिव ने तुरंत वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग बुलाकर सभी उपायुक्तों को कड़े कदम उठाने के आदेश दिए। सोशल डिस्टेंसी के नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सभी उपायुक्तों को अधिकारियों की एक कमेटी गठित करने के भी आदेश दिए गए। इसी आधार पर अब यूएलबी ने निगम, नप व नपा अधिकारियों को म्यूनिसिपल एक्ट की धाराओं के तहत ऐसे लोगों के चालान कर उनसे जुर्माना वसूलने के आदेश दिये हैं।
इन धाराओं में होगी जुर्माने की वसूली
यूएलबी ने म्यूनिसिपल एक्ट 1994 की धारा-381 व म्यूनिसिपल एक्ट 1973 की धारा- 233 के तहत बाजार व दुकानों में सोशल डिस्टेंसी की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ चालान के जरिए अलग-अलग जुर्माना वसूलने की व्यवस्था तय की है। धारा-381 दुकानदारों पर लगेगी। इसके तहत सोशल डिस्टेंसी तोड़ने वाले से पहली बार 500 रुपये उससे बाद 50 रुपये के हिसाब से रोज जुर्माना वसूला जाएगा। इसी तरह धारा-233 ग्राहक पर लगेगी। नियम तोड़ने वालों से 25 से लेकर 200 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। अगर वह फिर यह नियम तोड़ते पकड़ा गया तो उससे फिर दस रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा।
बाजारों में लोग सोशल डिस्टेंसी का ख्याल रखें। ऐसा न करने वालों के खिलाफ म्यूनिसिपल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। चालान के साथ जुर्माने वसूला जाएगा। इस सिलसिले में यूएलबी की ओर से भी आदेश आ गये हैं।
राजेश कुमार, सचिव, नगर परिषद, अंबाला सदर