नोटिस पर नोटिस देने के बावजूद नगर परिषद को किराया जमा नहीं करवाने वाले डिफाल्टर दुकानदारों पर नगर निगम ने आखिरकार मंगलवार को शिकंजा कसते हुए कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचा दिया। नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए 10 दुकानदारों की दुकानें सील कर दी। इन दुकानदारों ने लंबे समय से नगर निगम को फूटी कौड़ी भी नहीं दी थी और अब किराया इन सभी पर करीब 46 लाख रुपये पहुंच गया था। लिहाजा इस कार्रवाई का अंजाम दिया गया। नगर निगम की इस कार्रवाई से डिफाल्टरों में हड़कंप मच गया। नगर परिषद बनने से लेकर अभी तक यह पहली कार्रवाई है जब किराया नहीं देने पर दुकानों को सील किया गया है। इससे पहले सिर्फ नोटिस देकर खानापूर्ति कर दी जाती थी। लेकिन इस बार नगर परिषद ने इन सभी दुकानों को सील कर दिया। बता दें कि इस बारे में गृह एवं स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने पहले ही संकेत दे दिए थे।
जानिए किस दुकानदार की दुकान हुई सील
नगर परिषद को किराया न देने वाले दुकानदारों की दुकानें सील होना सामान्य बात नहीं है। अंबाला छावनी नगर निगम रहते हुए भी इतने बड़े स्तर पर अभी तक दुकानें सील नहीं हुई थी। लेकिन अब अधिकारियों को भय सता रहा था कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो विज उनपर कार्रवाई कर सकते हैं। क्योंकि किराया वसूलने के लिए टीमें गठित करने के संकेत विज ने करीब दो महीने पहले ही दे दिए थे। साथ ही कहा था कि यदि किराया जमा नहीं करवाया तो अब कार्रवाई होगी।
प्रॉपर्टी धारकों पर भी कसेगा परिषद का शिकंजा
एक और जहां दुकानदारों पर कार्रवाई शुरू हो गई है वहीं अब नगर परिषद ने डिफाल्टर प्रॉपर्टी संचालकों की सूची भी तैयारी करनी शुरू कर दी है। ऐसे में नगर निगम से नगर परिषद तक का सफर तय कर चुके कार्यालय में टैक्स की दबी हुई फाइलें हिलनी शुरू हो गई हैं। अब लखपति प्रॉपर्टी टैक्स वालों की प्रापर्टी भी कभी भी अधिकारी सील कर सकते हैं।
इन दुकानदारों को हमने पहले भी नोटिस दे दिए थे। लेकिन इसके बावजूद इन्होंने किराया जमा नहीं करवाया। इसीलिए इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
राजेश सचिव, नगर परिषद।