हर राज्य या केंद्रीय लाइसेंस धारक को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने फोस्टक प्रशिक्षण और प्रमाणित पर्यवेक्षक रखना अनिवार्य किया गया है। राज्य सरकार ने फोस्टक ट्रेनिंग के लिए एमएस क्वालिटी सर्विसिस एंड ट्रेनिंग प्राइवेट लिमिटेड, अंबाला हरियाणा को इंपैनल किया है। लेकिन इस ट्रेनिंग के नाम पर व्यापारियों के साथ खेल हो रहा है। राज्य सरकार ने कंपनी को बेसिक ट्रेनिंग के लिए इंपैनल किया है लेकिन यह कंपनी अब व्यापारियों और निर्मिताओं को न्यूट्रा और एडंवास की ट्रेनिंग के लिए मनमर्जी से मैसेज भेज रही है। इतना ही नहीं बिना सरकार की अनुमति के कंपनी ने व्यापारियों के लिए न्यूट्रा ट्रेनिंग न केवल रेट तय किए बल्कि उसे जबरदस्ती थोप भी दिया।
ये है फोस्टक
खाद्य पदार्थों के लिए चिंतित केंद्र और राज्य सरकार ने फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड बनाया। इसी के तहत यह आदेश दिए गए कि प्रदेश में खाद्य कारोबारियों को फोस्टक प्रमाणित सुपरवाइजर रखना पड़ेगा। इसीलिए राज्य सरकार ने फोस्टक खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। फोस्टक का अर्थ खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण और प्रमाणन है। केंद्रीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के आदेश हैं कि 6 अक्टूबर 2017 के अनुसार हर राज्य या केंद्रीय लाइसेंस धारक को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फोस्टक सर्टिफिकेट लेना ही होगा। अन्यथा उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
ऐसे खेला जा रहा खेल
दरअसल प्रदेश सरकार ने कंपनी को बेसिक ट्रेनिंग के लिए इंपैनल किया है। इसके रेट राज्य सरकार ने 708 रुपये तय किए हैं। इसी ट्रेनिंग को करवाने की अनुमति राज्य सरकार ने इस कंपनी को दी है। लेकिन इसकी आड़ में कंपनी ने बड़े निर्माताओं को उनके मोबाइल और वाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से मैसेज भेजने शुरू कर दिए हैं कि न्यूट्रा ट्रेनिंग आपके लिए अनिवार्य है। इसके लिए 2500 रुपये फीस तय की गई है। बड़ी बात यह है कि न तो सरकार ने ये रेट तय किए न ही इसके लिए कंपनी ने राज्य सरकार से कोई अनुमति ली। इसके बावजूद कारोबारियों को यह ट्रेनिंग लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
शनिवार को करवाई 14 की ट्रेनिंग
शनिवार को अंबाला शहर सेक्टर 1 में 14 कारोबारियों की न्यूट्रा ट्रेनिंग करवाकर उनसे 2500-2500 रुपये वसूले गए। यह धंधा करीब एक माह से चल रहा है और इस पर अभी तक किसी ने भी कार्रवाई करना लाजमी नहीं समझा।
कंपनी को राज्य सरकार ने बेसिक ट्रेनिंग के लिए इंपैनल किया है। बेसिक ट्रेनिंग के रेट 708 रुपये तय किए गए हैं। जहां तक 2500 रुपये की ट्रेनिंग जरूरी के मैसेज भेजे जाने की बात है यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। कोई शिकायत आती है तो मामले में कार्रवाई के लिए कमिश्नर को लिखा जाएगा। राज्य या केंद्र सरकार के पास 2500 रुपये की ट्रेनिंग का प्रस्ताव कंपनी ने नहीं भेजा न कोई अनुमति दी गई है।
सुभाष चंद्र, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
हमें सरकार से बेसिक ट्रेनिंग की अनुमति मिली है। लेकिन न्यूट्रा ट्रेनिंग करवाने की रिक्वेस्ट खुद कारोबारियों ने हमसे की। उनकी रिक्वेस्ट पर ही हमने उन्हें ट्रेनिंग दी। ऐसे बहुत से कारोबारी हैं जो दो-दो साल से हमें ढूंढ रहे थे। उन्होंने ही ट्रेनिंग का प्रपोजल दिया था। हमने उन्हें बेसिक का प्रस्ताव भेजा था। इस पर जब मैं उनसे मिली तो उन्होंने कहा कि बेसिक ट्रेनिंग का उन्हें कोई फायदा नहीं होगा। क्यों 708 रुपये खर्च करें। इसीलिए उन्हें न्यूट्रा ट्रेनिंग उनकी रिक्वेस्ट पर दी गई। हमें 708 रुपये की बेसिक ट्रेनिंग के लिए इंपैनल किया है लेकिन हमें न्यूट्रा और एडवांस ट्रेनिंग भी आती है।
पूनम गुप्ता, ट्रेनर