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चेयरपर्सन की कुर्सी हिली

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बराड़ा नगरपालिका की चेयरपर्सन रमा खेत्रपाल की कुर्सी हिलती नजर आ रही है। उन्हें कुर्सी से हटाने के लिए सोमवार को 11 पार्षद डीसी से मुलाकात करने पहुंचे। किसी मीटिंग में व्यस्त होने के कारण पार्षदों की डीसी से मुुलाकात नहीं हो पाई है। ये पार्षद अब मंगलवार को डीसी से मिल सकते हैं। पिछले कई दिन से भाजपा के ही ज्यादातर पार्षद पार्टी की चेयरपर्सन के खिलाफ लॉबिंग कर रहे हैं। 11 पार्षदों के बगावत करने के बाद अब चेयरपर्सन के पास केवल 2 पार्षदों का ही समर्थन बचा है। एक पार्षद सस्पेंड चल रहा है। ऐसे में अब रमा की कुर्सी पर खतरा मंडराता दिख रहा है। डीसी अशोक शर्मा ने कहा इस मामले को लेकर अभी किसी पार्षद ने उनसे मुलाकात नहीं की है।
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चेयरपर्सन के खिलाफ ये पार्षद कर रहे लॉबिंग
बराड़ा नगरपालिका में वार्डों की संख्या 15 है। इनमें से 11 पार्षद चेयरपर्सन रमा खेतरपाल के खिलाफ लॉबिंग कर रहे हैं। इन पार्षदों में वार्ड 1 के पार्षद शमशेर सिंह, वार्ड 2 के अमित धीमान, वार्ड 3 के सुरजीत सिंह, वार्ड 4 की अभिलाषा, वार्ड 5, योगिता, वार्ड 6 की अंजू, वार्ड 8 की सीमा, वार्ड 9 के मनीष कुमार (मनी), वार्ड 11 के जसविंद्र पाल, वार्ड 13 की रिचा पाहवा, वार्ड 15 के दीपक बाजवा शामिल हैं।
चेयरपर्सन के पाले में अभी 2 पार्षद
अविश्वास प्रस्ताव आने की स्थिति में चेयरपर्सन के पास अभी कुर्सी बचाने के लिए महज दो पार्षदों का ही समर्थन बचा है। इनमें वार्ड 7 के बलजिंद्र सिंह व वार्ड 14 के संदीप उर्फ मोंटी अरोड़ा शामिल हैं। वार्ड 10 के पार्षद परमजीत सिंह उर्फ प्रिंस अभी सस्पेंड चल रहे हैं। बदले हालात में अब रमा की कुर्सी पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि कुर्सी बचाने के लिए उनकी ओर से भी पुरजोर कसरत की जा रही है। बागी पार्षदों को मनाने का प्रयास हो रहा है।
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अब रिचा का दावा सबसे मजबूत
तय संख्या के लिहाज से अगर सदन में चेयरपर्सन रमा खेतरपाल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ तो फिर उनकी कुर्सी जा सकती है। इस स्थिति में वार्ड 13 की रिचा पाहवा पर सहमति बन सकती है। चुनाव के बाद से चेयरपर्सन की दौड़ में रिचा पाहवा भी शामिल थीं। मगर ऐन मौके पर रमा खेतरपाल बाजी मार गई थीं। बदले हालात में रिचा को ही ज्यादातर बागी पार्षद अपना चेयरपर्सन बना सकते हैं। हालांकि सहमति न बन पाने की स्थिति में पार्षद अभिलाषा का भी दांव लग सकता है।
विस चुनाव में पार्टी की खिलाफत का आरोप
विधानसभा चुनाव के बाद से ही नपा की चेयरपर्सन रमा खेतरपाल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए पार्षदों ने लॉबिंग शुरू कर दी थी। असल में भाजपा की तत्कालीन विधायक संतोष सारवान के आशीर्वाद से रमा चेयरपर्सन बनीं थीं। मगर इस बार चुनाव में पार्टी ने उनकी टिकट काटकर पूर्व विधायक राजबीर बराड़ा को टिकट दी थी। पर वे चुनाव हार गए। इस वजह से रमा के लिए स्थितियां विपरीत हो र्गइं। हालांकि ज्यादातर बागी पार्षदों का आरोप है कि रमा ने चुनाव में पार्टी की खिलाफत की थी। जिस कारण पार्टी प्रत्याशी चुनाव हार गया। इसके अलावा विकास कार्यों को लेकर भी कई पार्षद चेयरपर्सन से नाराज चल रहे थे। इसी वजह से सभी ने चेयरपर्सन के खिलाफ एकजुट होने का फैसला किया।
मुझे बराड़ा नगरपालिका के किसी पार्षद ने चेयरपर्सन के खिलाफ विश्वास प्रस्ताव को लेकर कोई बात नहीं की। न ही किसी पार्षद ने मुलाकात की है। मुलाकात से पहले इस मामले पर कुछ नहीं कहा जा सकता।
अशोक शर्मा, डीसी, अंबाला
मेरी कुर्सी को कोई खतरा नहीं है। मैं भाजपा की वफादार सिपाही हूं। पार्टी ने ही मुझे चेयरपर्सन बनाया था। हो सकता है कि कुछ पार्षद मेरे से नाराज हों। परिवार में ऐसा चलता रहता है। उनकी नाराजगी दूर कर दी जाएगी। मेरे खिलाफ किसी पार्षद ने न तो डीसी से मुलाकात की न उन्हें कोई शपथपत्र दिया। मेरी कुर्सी पूरी तरह सुरक्षित है।
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रमा खेतरपाल, चेयरपर्सन, नगरपालिका, बराड़ा
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