शराब के नशे में एंबुलेंस से हादसा होने पर अब चालक टर्मिनेट होगा। दो से ज्यादा बार एक्सीडेंट होने पर भी चालक पर गाज गिरेगी। नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से यह कार्रवाई तय की गई है। कुछ समय पहले ही मिशन की ओर से रेफरल ट्रांसपोर्ट स्कीम के तहत एंबुलेंस पर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के लिए नई गाइडलाइन जारी हुई थी। कम पढ़े लिखे कर्मचारी इस कार्रवाई से बेखबर हैं। उधर कर्मियों के लिए तय नया ड्यूटी रोस्टर भी रविवार से लागू कर दिया गया है। अब चालक व ईएमटी को 12-12 घंटे की ड्यूटी करनी होगी। नए ड्यूटी रोस्टर को लेकर ज्यादातर कर्मियों में गहरा रोष है। इसका विरोध करने के लिए कर्मचारी जल्द लामबंद होने की बात कह रहे हैं।
हादसे में लापरवाही मिली तो कटेगी सैलरी
एबुलेंस चालक से हादसा होने की स्थिति में उसके खिलाफ मिशन की ओर से जांच करवाई जाएगी। जांच में लापरवाही पाए जाने पर चालक की पांच फीसदी सैलरी काटी जाएगी। दो या फिर उससे ज्यादा बार हादसे में संलिप्त चालकों को भी नए आदेशों में टर्मिनेट करने की बात कही गई है। यह कार्रवाई हादसे मेें एबुलेंस को 20 हजार से ज्यादा नुकसान होने पर की जाएगी। हादसे में एम्बुलेंस पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के मामले में भी चालक की छुट्टी करने की बात कही गई है।
12-12 घंटे का ड्यूटी रोस्टर लागू
नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से एंबुलेंस चालकों व ईएमटी के लिए जारी किया गया नया ड्यूटी रोस्टर रविवार से लागू कर दिया गया। अब हर कर्मचारी को 12-12 घंटे ड्यूटी करनी होगी। पहले चालक व ईएमटी फ्लीट मैनेजर की ओर से तैयार किए गए रोस्टर के हिसाब से ड्यूटी कर रहे थे। उस रोस्टर से कर्मचारियों को ड्यूटी करने में सहुलियत थी। साथ ही हर कर्मचारी को परोपर रेस्ट भी मिल जाता था। मगर नए रोस्टर में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। इसी वजह से नए रोस्टर को लेकर कर्मचारियों में खासा रोष व्याप्त है।
नेशनल हेल्थ मिशन कर्मचारियों पर कई ऐसे नियम थोपे जा रहे हैं जोकि पूरी तरह गलत हैं। नए ड्यूटी रोस्टर से कर्मचारियों का शोषण होगा। यह सरासर श्रम कानून की उल्लघंना है। तमाम कर्मचारी इसका कड़ा विरोध करने की तैयारी कर रहे हैं। पहले भी मिशन की ओर से कर्मचारियों पर ऐसे नियम थोपे गए हैं जिनकी वजह से वे बेहद परेशान हैं। ऐसे नियमों का कड़ा विरोध किया जाएगा।
दिनेश कौशिक, संगठन मंत्री, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, हरियाणा