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साहब! मेरे केस की जांच सीआईए-2 को ट्रांसफर की जाए

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विवाहिता मीना का पड़ाव पुलिस से भरोसा उठ गया है। दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज होने के बावजूद ससुरालियों की गिरफ्तारी न होने से उसने एसपी अभिषेक जोरवाल से केस सीएआईए-2 को ट्रांसफर करने की मांग की है। मीना का आरोप है कि जांच अधिकारी के दबाव की वजह से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। जानबूझकर उसके मामले को जांच के नाम पर लटकाया जा रहा है। एसपी ने अब डीएसपी कैंट को जांच के आदेश दिए हैं।
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एक महीने पहले दर्ज हुआ था केस
पड़ाव पुलिस ने 11 अक्टूबर को रेलवे कॉलोनी की रहने वाली मीना की शिकायत पर पति दीपक के साथ चार ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेेत छह धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। उसका आरोप था कि दहेज को लेकर ससुरालिए उसे प्रताड़ित करते थे। मारपीट के बाद उसे घर तक से निकाल दिया गया था। मीना की शादी छह साल पहले गुड़गांव के दीपक के साथ हुई थी। मीना का आरोप है कि दीपक के पिता पुलिस में हैं। इसी वजह से पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है।
जांच अधिकारी ने मांगे थे पचास हजार
इस मामले की जांच पहले पड़ाव थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर ऋषिपाल कर रहे थे। मीना का आरोप है कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए ऋषिपाल ने उससे पचास हजार रुपये की डिमांड की थी। तब उसने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को उसके खिलाफ शिकायत दी थी। मुंशी देवेंद्र पर भी उसने मामले में शमिल होने के आरोप लगाए थे। शिकायत के बाद विजिलेंस ने ऋषिपाल व देवेंद्र को रंगे हाथों गिरफ्तार करने के लिए ट्रैप लगाया था। हालांकि भनक लगने के बाद दोनों फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। अभी तक उनकी गिरफ्तार नहीं हो पाई है।
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अभी इस मामले की जांच पड़ाव पुलिस ही कर रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो जाएगी। अभी हमारे पास जांच ट्रांसफर के कोई आदेश नहीं आए हैं। ये इतना गंभीर अपराध नहीं है जिसे सीआईए को ट्रांसफर किया जा सके। फिर भी अगर आदेश आए तो पालना की जाएगी।
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अजायब सिंह, एसएचओ, पड़ाव थाना
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