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सौतेली मां दगे और अंधे प्रेम ने मुसीबत में फंसाई नाबालिग, 5 माह की गर्भवती

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सौतेली मां और प्रेमी ने अंबाला शहर की नाबालिग लड़की को मुसीबत में फंसा दिया है। लड़की 5 माह की गभर्वती हो चुकी है और प्रेमी पोक्सो के मामले में जेल में बंद है। अब नाबालिग अपने 5 माह के अजन्मे बच्चे को बचाने में जुट गई है। उधर पिता ने जिला बाल कल्याण समिति पर अपनी बेटी को सुपुर्द न करने के आरोप लगाते हुए सीएम विंडो पर शिकायत दे दी। पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए राज्य महिला एवं बाल विकास विभाग ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया। यह जांच कमेटी मंगलवार को अंबाला पहुंची। अंबाला डीसीपीओ कार्यालय में नाबालिग और सीडब्ल्यूसी से पूरे प्रकरण में दोपहर दो बजे से 6 बजे तक पूछताछ चली। जिसमें लड़की ने गर्भ गिराने से साफ इंकार कर दिया।
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यह है पूरा मामला
जांच कमेटी को दिए बयान में नाबालिग लड़की ने बताया कि उसके पिता अकसर मारपीट करते हैं। मां सौतेली है। वह भी मुझे अकसर घर से बाहर निकालने की साजिश रचती रहती है। कुछ समय पहले अंबाला शहर के ही कर्ण से उसकी जान पहचान हुई और वह अच्छे दोस्त बन गए। यह बात लड़की ने अपनी सौतेली मां को भी बताई। इसी बीच उसकी सौतेली मां की मां यानी नानी जोकि बिहार के समस्तीपुर की रहने वाली थी उसकी मौत हो गई तो सौतेली मां उसे अपने साथ वहीं ले गई। वहां उसके प्रेमी कर्ण को सौतेली मां ने फोन कर 10 हजार रुपये लेकर बिहार बुला लिया और लड़की को प्रेमी के साथ भागने के लिए विवश किया। जब इंकार किया तो उसने उसके प्रेमी को शोर मचाकर मौके पर पिटवाने और केस दर्ज करवाने की धमकी दी। इसीलिए लड़की उसके साथ भाग गई। इसके बाद उन्होंने कानपुर में शादी की और अंबाला वापस आ गए। तीन महीने अंबाला शहर में ही एक मोहल्ले में रहे। इसी बीच पिता ने किडनैपिंग की शिकायत दी थी। मामले में पुलिस ने कर्ण को गिरफ्तार कर पोक्सो का केस दर्ज करते हुए जेल भेज दिया।
सीडब्ल्यूसी ने बिना टेस्ट करवाए भेजा छछरौली
इधर सीडब्ल्यूसी ने बिना टेस्ट करवा लड़की को छछरौली बालकुंज भेज दिया। वहां यूरिन टेस्ट में उसके गर्भवती होने की पुष्टि होते ही उसे रखने से इंकार कर दिया गया। लेकिन बिना सोचे सीडब्ल्यूसी ने लड़की को उसकी सौतेली मौसी जोकि अंबाला शहर में रहती थी उसके हवाले कर दिया। नाबालिग लड़की ने बताया कि वह अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है।
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पिता लेना चाहते हैं बेटे को
उधर पूरे मामले में सीएम विंडो पर शिकायत कर पिता ने बेटी को उसके साथ भेजने की गुहार लगाई। जांच कमेटी को सीडब्ल्यूसी ने बताया कि नाबालिगा के पिता यह लिखकर देने के लिए तैयार नहीं हैं कि वह अपनी बेटी और उसके बच्चे को सुरक्षित रखेंगे। इसीलिए उन्होंने उसे पिता के हवाले नहीं किया। अब इस मामले में जांच कमेटी लड़की की सौतेली मां और उसके पिता की काउंसिंलिंग करेगी तब तक नाबलिगा को किसी चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट में रखने का निर्णय लिया गया है।
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इस मामले की जांच के लिए विभाग ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। टीम ने आज काफी देर पूछताछ की है। उसकी जांच रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
ममता, जिला बाल प्रोटेक्शन अधिकारी।
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