अंबाला। अमृत भारत योजना के तहत अंबाला सिटी रेलवे स्टेशन का लगभग 22.77 करोड़ की लागत से कायाकल्प हो रहा है, जो आगामी वर्ष में तैयार हो जाएगा। रेलवे स्टेशन पर विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
स्टेशन का प्रवेश द्वार एक महल की तरह होगा। इस पर गुंबद और जालियां लगी होंगे जो रात के समय रोशनी बिखेरेंगी। वहीं स्टेशन के अंदरूनी सुविधाएं मेट्रो स्टेशन की तर्ज पर होंगी। स्टेशन पर फूड प्लाजा और विश्राम गृह सुविधा भी मिलेगी। अंबाला मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार ने बताया कि छह अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से अमृत भारत स्टेशन योजना का शिलान्यास ऑनलाइन तरीके से किया था।
शिलान्यास होते ही रेलवे स्टेशन के जीर्णोद्धार का काम भी साथ ही शुरु करा दिया था, जिससे कि काम जल्द से जल्द पूरा हो सके और स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने बताया कि स्टेशन पर कई प्रकार के बदलाव किए जा रहे हैं। सबसे बड़ा बदलाव पार्किंग को लेकर है। वहीं, सुंदरता के लिए यहां एक छोटे पार्क का निर्माण भी करवाया जा रहा है। इसके अलावा सभी प्लेटफार्मों पर नए शेड, नया वेटिंग हाल, कार्यालय का स्वरुप, रेलवे परिसर, पार्किंग क्षेत्र, दिव्यांग के लिए शौचालय आदि बनाया जाएगा। इस पर लगभग 11.62 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा प्लेटफार्म 1 से 2 पर जाने के लिए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण होगा और इस पर लगभग 11.15 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
16 स्टेशनों पर खर्च होंगे 181 करोड़
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अंबाला रेल मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जाएगा। इन पर लगभग 181 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें पटियाला पर 47.51 करोड़, धूरी जंक्शन 37.63, कालका 32.03, संगरूर 25.51, सरहिंद जंक्शन 25.12, आनंदपुर साहिब 24.21, रूपनगर 23.99, नंगल डैम 23.31, साहिबजादा अजीत सिंह नगर मोहाली 23.20, मलेरकोटला 22.93, अंब अंदौरा 22.04, यमुनानगर-जगाधरी 22, अबोहर जंक्शन 21.09 और सहारनपुर जंक्शन का 15.18 करोड़ की लागत से कायाकल्प होगा। इसी कड़ी में अब शिमला स्टेशन का भी लगभग 13.51 करोड़ की लागत से स्वरूप बदलेगा।
वर्जन
अंबाला मंडल के अधीन 16 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया जा रहा है। सभी रेलवे स्टेशनों पर तेजी से कार्य चल रहा है। उम्मीद है कि अगले वर्ष के मध्य तक यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। कार्य की निगरानी के लिए टीमों का गठन किया गया है जो गुणवत्ता का पूरा ध्यान रख रही हैं।
मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम, अंबाला मंडल।