अंबाला सिटी। शहर के विधायक असीम गोयल पर एक नई राजनीति शुरू हो गई है। इस मामले में पहले मेयर ने शहर विधायक पर आरोप लगाए थे कि उन्हें विकास नहीं करने दिया जा रहा है। अब डिप्टी मेयर भी इस मामले में सामने आ गए हैं। डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने शनिवार को एक पत्रकार वार्ता की और उसमें शहर विधायक पर आरोप लगाए।
इसमें शहर में सफाई में बाधा बनने से लेकर हरियाणा जनचेतना पार्टी यानी हजपा के पार्षदों के कहने पर काम न करने के लिए आरोप लगाए हैं। मगर दूसरी तरफ इस मामले पर शहर विधायक असीम गोयल या उनके समर्थक चुप्पी साध गए। जब डिप्टी मेयर के लगाए आरोपों पर विधायक असीम गोयल और उनके प्रतिनिधि रितेश गोयल से फोन पर संपर्क किया तो उनसे संपर्क ही नहीं हो सका।
शहर विधायक पर लगाए ये आरोप
जबसे बाढ़ त्रासदी हुई है तबसे बिजली, पानी की सप्लाई बाधित हो रही है। सीवर गंदगी से अटे हैं। शहर विधायक अपने महकमों से जुड़े इन मामलों पर ध्यान न देकर दूसरे मामलों को देख रहे हैं। कूड़े के ढेर के लिए विधायक राजनीति कर रहे हैं। ठेकेदार को धमकी दी जा रही है कि आपका टेंडर रद्द कर दिया जाएगा। डिप्टी मेयर ने आरोप लगाया कि ठेकेदार से कहा जा रहा है कि कूड़ा पार्षद और जनचेतना पार्टी के प्रतिनिधि के कहने पर न उठाया जाए, बल्कि भाजपा के प्रतिनिधि के कहने पर वार्डों से कूड़ा उठाया जाए। जबकि ठेकेदार की कूड़ा उठाने की अपनी एक व्यवस्था होती है। डिप्टी मेयर ने आरोप लगाया कि अगर नगर निगम की राजनीति में विधायक असीम गोयल को इतनी दिलचस्पी हो रही है तो आप विधायक पद छोड़ें और नगर निगम में बैठें। हमने 10 साल विधायक पद चलाया है, हमें मौका दें हम दिखाएंगे कि अंबाला की जनता के लिए विधायक बनकर कैसे काम किया जाता है। डिप्टी मेयर ने बताया कि उन्होंने सफाई दरोगा या अन्य ठेकेदार के प्रतिनिधि से बात की और कूड़ा उठाने को कहा तो उन्होंने असमर्थता जताई।
अंबाला की सबसे अधिक भयानक स्थिति
डिप्टी मेयर ने कहा कि शहर में गंदा पानी आ रहा है, बिजली के लिए लोग सड़कों पर आ रहे हैं। गंदे पानी की वजह से हजारों लोेग बीमार हो रहे हैं। इनके पास कोई सिस्टम ही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ने यह प्रथा बना ली है कि लोग मेरे पास समस्या लेकर आएं तभी काम करूंगा। यह नहीं होना चाहिए।
रेहड़ी फड़ी वाले भी लगा चुके आरोप
जहां एक तरफ हजपा के जनप्रतिनिधि विधायक असीम गोयल के कार्यों से नाराज दिख रहे हैं। वहीं, रेहड़ी फड़ी संचालक रोजाना अपने धरने पर शहर विधायक का विरोध कर रहे हैं। वह बार-बार आरोप लगा रहे हैं कि गरीबों को जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है। ऐसे में यह दोनों ही मामले अब अंबाला शहर में एक अलग ही स्थिति को दर्शा रहे हैं।