करनाल। चॉकलेट का नाम सुनकर कभी बच्चों के मुंह में पानी आ जाता था, लेकिन अब वो पहले वाला क्रेज नहीं। चॉकलेट की जगह आज बच्चे फास्ट फूड के दीवाने हैं। यही कारण है कि चाॅकलेट की जगह अब मोमो, चाऊमीन, बर्गर, पिज्जा की मांग और बिक्री बढ़ती जा रही है। दूसरी ओर चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो चॉकलेट बच्चों के लिए फायदेमंद अधिक और नुकसानदेह कम है, जबकि इसके विपरीत फॉस्ट फूड खतरे से खाली नहीं है। इसके अधिक सेवन से बच्चों और किशोरों में हार्ट अटैक का भी खतरा रहता है।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर के अधिकारी डॉ. आशीष अनेजा के अनुसार, चॉकलेट खाने से सेरोटोनिन नामक एक हार्मोन विकसित होता है। इस हार्मोन को फील-गुड हार्मोन की संज्ञा दी गई है। अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा तनाव में है या चिंतित है तो उसे चॉकलेट का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से उसका स्ट्रेस दूर हो जाएगा और उसे राहत महसूस होगी। इसके अलावा चॉकलेट के सेवन से हमारे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। डॉ. अनेजा ने बताया कि बच्चों के लिए चॉकलेट फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि इसमें कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो बच्चों के शारीरिक और बौद्धिक विकास में लाभकारी हैं। एक शोध में पाया गया है कि डार्क चॉकलेट खाने से दिमाग तेज होता है। डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनॉयड्स, एंटीऑक्सिडेंट्स और कैफीन जैसे तत्व पाए जाते हैं जो दिमाग को ऊर्जा देते हैं।
दूसरी ओर फॉस्ट फूड का सेवन करना स्वयं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। इससे विभिन्न बीमारियों का खतरा रहता है। खासतौर पर रेहड़ियों, होटलों या ढाबों पर बिकने वाले फास्ट फूड में साफ-सफाई और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाता जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इससे पेट की विभिन्न बीमारियों के साथ ही हार्ट अटैक की संभावना भी बढ़ जाती है। फास्ट फूड को अगर धीमा जहर कहा जाए तो गलत नहीं होगा। दो मिनट के स्वाद के लिए हम अपनी पूरी जिंदगी दांव पर लगा देते हैं। इसमें कुछ प्रिजर्वेटिव भी मिले होते हैं। इससे हमारे दिमाग पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। फास्ट फूड का सेवन करने से हमारे दिल पर जोर पड़ता है और हमारा दिल खून को बेहतर ढंग से पंप नहीं कर पाता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
चॉकलेट के लाभ :
1. एंटीऑक्सीडेंट : चॉकलेट में फ्लेवोनोइड्स नामक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर को मुक्त कणों से बचाने में मदद कर सकते हैं।
2. हृदय स्वास्थ्य : कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि चॉकलेट खाने से, विशेष रूप से डार्क चॉकलेट खाने से, रक्तचाप कम करने, हृदय रोग के जोखिम को कम करने और रक्त प्रवाह में सुधार करने में मदद मिल सकती है।
3. मस्तिष्क कार्य : चॉकलेट खाने से मस्तिष्क कार्य, मनोदशा और संज्ञानात्मक प्रदर्शन में सुधार हो सकता है, ऐसा इसमें मौजूद कैफीन और थियोब्रोमाइन के कारण होता है।
4. त्वचा स्वास्थ्य : चॉकलेट में मौजूद फ्लेवोनोइड्स त्वचा को सूर्य की क्षति से बचाने और त्वचा की नमी और लोच में सुधार करने में भी मदद करते हैं।
5. खुशी: चॉकलेट में ऐसे यौगिक होते हैं जो एंडोर्फिन, अच्छा महसूस कराने वाले हार्मोन के स्राव को उत्तेजित कर सकते हैं, और मूड और सेहत में सुधार कर सकते हैं।
चॉकलेट खाने के खतरे :
1. उच्च कैलोरी सामग्री : चॉकलेट में कैलोरी और वसा अधिक होती है, जो अधिक मात्रा में सेवन करने पर वजन बढ़ाने और मोटापे का कारण बन सकती है।
2. अतिरिक्त शुगर : अधिकांश चॉकलेट उत्पादों में अतिरिक्त चीनी होती है, जो अधिक मात्रा में सेवन करने पर मधुमेह, दांतों की सड़न और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती है।
3. कैफीन सामग्री : चॉकलेट में कैफीन होता है, जो अधिक मात्रा में सेवन करने पर अनिद्रा, चिंता और अन्य दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है।
4. एलर्जी : कुछ लोगों को चॉकलेट या इसके घटकों, जैसे दूध, सोया और नट्स, से एलर्जी हो सकती है।
5. लत : कुछ लोगों में चॉकलेट या अन्य मिठाइयों पर निर्भरता हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक सेवन से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।