संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। पेयजल के शुद्धिकरण में खानापूर्ति हो रही है और लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है। जलघरों से होने वाली पानी की आपूर्ति में क्लोरीन नहीं मिलाई जा रही, जबकि विभाग का दावा है कि उन्होंने जलघरों में क्लोरिन के सिलिंडर रखे हैं जोकि रोजाना सुबह चलाए जाते हैं, लेकिन विभाग के यह दावे उन जलघरों तक सीमित हैं जोकि घनी आबादी से जुड़े हैं, जबकि ग्रामीण सहित अन्य दूर-दराज के क्षेत्रों में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
बीमारी के बाद जागता है विभाग : गर्मी के मौसम में जैसे-जैसे पानी की मांग बढ़ती है, वैसे-वैसे पेट दर्द के मामले अस्पतालों में बढ़ने लगते हैं। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग हरकत में आता है और फिर पानी में क्लोरिन मिलाने का कार्य किया जाता है। लेकिन विभाग की इस लापरवाही से कई बार लोगों की जान आफत में आ जाती है और लोग घरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाते हैं।