अंबाला। ट्रेन नंबर 12408 न्यूजलपाईगुड़ी-अमृतसर कर्मभूमि एक्सप्रेस से बच्चों तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है। जांच टीम ने ट्रेन के सात मिनट के ठहराव के दौरान 10 बच्चों को बचाया है और उन्हें अपने संरक्षण में लिया। यह कार्रवाई जिला युवा विकास संगठन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। इस दौरान जिला पुलिस के साथ आरपीएफ व जीआरपी की भी मदद ली गई।
ट्रेन वीरवार दोपहर को लगभग डेढ़ बजे जैसे ही अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर पहुंची तो टीम ने ट्रेन के ईद-गिर्द घेरा बना लिया ताकि कोई बचकर निकल न पाए। ट्रेन के रुकते ही सभी टीम के सदस्य अलग-अलग कोच में चढ़ गए और यात्रियों से पूछताछ करने लगे। इस दौरान अलग-अलग सीट पर बैठे लगभग 20 से अधिक बच्चों से पूछताछ की गई तो कुछ के माता-पिता ने अपने बच्चों की जानकारी टीम के साथ साझा की, लेकिन जांच के दौरान 10 ऐसे बच्चे मिले, जिनके साथ कोई नहीं था। जब उनके आधार कार्ड देखे गए तो वह जांच में फर्जी पाए गए।
जा रहे थे लुधियाना और जालंधर
ट्रेन में कार्रवाई के दौरान बच्चों ने पहले गुमराह करने की कोशिश की, किसी ने बताया कि वह पिता के पास जा रहा है तो किसी ने बताया कि वह पढ़ाई के लिए जा रहा है, लेकिन जब जिला युवा विकास संगठन के सदस्यों ने बच्चों की काउंसलिंग की तो उन्होंने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए वह लुधियाना व जालंधर के कारखाने में काम करने जा रहे हैं।
पकड़ में नहीं आया सरगना
कर्मभूमि में दबिश के दौरान बच्चों को लेकर जा रहा सरगना नहीं मिला। कुछ बच्चों ने उसका हुलिया भी बताया, लेकिन वह भीड़ का फायदा उठाते हुए बच निकला। संरक्षण में लिए गए बच्चे बिहार के कटिहार सहित अन्य जिलों के हैं। बच्चों का मेडिकल करवाया गया है और उनसे परिजनों की जानकारी हासिल की जा रही है ताकि माता-पिता को बुलाकर उनकी काउंसलिंग की जाए कि वह बच्चों को बाल मजदूरी में न धकेलें, बल्कि उनका भविष्य सुधारने के लिए उन्हें पढ़ाई करवाएं।
एक एनजीओ की तरफ से सूचना मिली थी कि कर्मभूमि एक्सप्रेस से कुछ बच्चों को तस्करी के तहत लुधियाना ले जाया जा रहा था। इन बच्चों का कैंट रेलवे स्टेशन पर रेस्क्यू किया गया है। बच्चों का मेडिकल करवाने के बाद उन्हें बाल भवन भेज दिया है, उनके परिजनों से संपर्क किया गया है ताकि आगामी कार्रवाई की जा सके।
- परमजीत सिंह बड़ौला, प्रधान, जिला युवा विकास संगठन, अंबाला।