संवाद न्यूज एजेंसी
शहजादपुर। अक्षय तृतीया पर रविवार को पंजोखरा थाने के अंतर्गत गाजीपुर गांव में एक बाल विवाह का मामला सामने आया। बाल विवाह निषेध अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर विवाह को रुकवाया। इसके बाद उनकी परिजनों से बातचीत भी हुई। परिजन बच्ची की उम्र 18 वर्ष बता रहे थे ऐसे में सोमवार को स्कूल से बच्ची की उम्र का सत्यापन कराया जाएगा।
जिला बाल विवाद निषेध अधिकारी अरविंदर कौर ने बताया कि उन्हें रविवार सुबह सूचना मिली थी कि गाजीपुर गांव में एक बाल विवाह होने वाला है। दोपहर 12 बजे वह टीम के साथ मौके पहुंच गईं। यहां पर एक विवाह कार्यक्रम हो रहा था। इसके लिए कुरुक्षेत्र से बारात आई थी। बच्ची के परिजन बराड़ा के रहने वाले थे, मगर कुछ समय से गाजीपुर अपने रिश्तेदार के घर पर रह रहे थे। ऐसे में बच्ची के परिजनों को बच्ची का आधार कार्ड दिखाने को कहा गया, जिसे देखने पर बच्ची की उम्र 16 साल निकली। इसके बावजूद बच्ची के परिजन बच्ची की उम्र 18 साल होने का दावा कर रहे थे। अधिकारी ने बताया कि सोमवार को बच्ची के स्कूल से जन्म प्रमाण पत्र लेकर उम्र का सत्यापन किया जाएगा। ऐसे में बारात बेरंग लौट गई। पिछले वर्ष अप्रैल से इस साल मार्च तक 12 से 13 बाल विवाह के मामले विभाग के पास आ चुके हैं। इन सभी विवाहों को मौके पर रुकवाया गया था। इसके साथ ही तीन से चार मामलों में एफआईआर दर्ज कराई थी।