अंबाला सिटी।
अतिरिक्त उपायुक्त गिरीश अरोड़ा ने बताया कि अंबाला जिले के ग्रामीण क्षेत्र को 31 दिसंबर तक खुले में शौच से मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए जुलाई माह के प्रथम सप्ताह से विशेष अभियान चलाया जा रहा है और इस अभियान में सरकारी और गैर सरकारी संगठनों के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि खुले में शौच करने वालों को शर्मिदा करने के लिए प्रत्येक गांव में बच्चों की टोलियां बनाई जाएगी जो सुबह-शाम खुले में शौच करते पाए जाने वाले लोगों के लिए सिटी बजाकर उन्हें शर्मिदा करेंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य अभियान की सफलता के लिए गांव स्तर पर निगरानी सीमितियां भी बनाई जाएगी जो खुले में शौच करने वालों को ऐसा न करने के लिए प्रेरित करेगी।
एडीसी ने बताया कि बार-बार मना करने के बावजूद भी जो लोग खुले में शौच करने की आदत नहीं बदलेंगे उनके लिए निगरानी सीमिति के लोग स्पीकर पर उनका नाग एनाउंस करके उन्हें शर्मिदा करेंगे। उधर, एडीसी अरोड़ा ने बताया कि अभियान की सफलता के लिए जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया गया है जबकि वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में ब्लॉक व गांव स्तर पर भी टास्क फोर्स सीमितयां गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों के लिए संबंधित किसान और फैक्टरी मालिक को शौचालय की सुविधा उपलब्ध करवानी होगी और ऐसा न करने पर संबंधित पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। इस अवसर पर प्रशासन व जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
600 कार्यकर्ताओं की टीम करेगी काम
अभियान में आम व्यक्ति की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सभी गावों से 600 से अधिक स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं की पहचान की गई है और इनको जुलाई के प्रथम सप्ताह में 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में अभियान के प्रारूप के सभी पहलूओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस अभियान में जिला से संबंधित मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण स्तर पर कार्यरत नेहरू युवा केंद्रों से जुड़े युवक-युवतियों, आशा कार्यकर्ताओं, सहायक कृषि अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग की एएलएन, पशुपालन विभाग के वीएलडीए, किसान फर्मों के सदस्य, एनएसएस और एनसीसी के वल्टीयरस, आईएमए के सदस्य, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, सहकारी समितियों के कर्मचारियों, अध्यापकों, लीगल सर्विस अथॉरिटी के अधिवक्ताओं और बच्चों को भी शामिल किया जाएगा। जबकि इस अभियान में सरकारी और गैर सरकारी चिकित्सकों की सेवाए ली जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए जुलाई माह के प्रथम सप्ताह से विशेष अभियान चलाया जा रहा है और इस अभियान में सरकारी और गैर सरकारी संगठनों के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि खुले में शौच करने वालों को शर्मिदा करने के लिए प्रत्येक गांव में बच्चों की टोलियां बनाई जाएगी जो सुबह-शाम खुले में शौच करते पाए जाने वाले लोगों के लिए सिटी बजाकर उन्हें शर्मिदा करेंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य अभियान की सफलता के लिए गांव स्तर पर निगरानी सीमितियां भी बनाई जाएगी जो खुले में शौच करने वालों को ऐसा न करने के लिए प्रेरित करेगी।