मासूम को खिलाते हुए स्वास्थ्य विभाग की स्टाफ सदस्य
- फोटो : Ambala
अंबाला सिटी। जिगर के जिस टुकड़े को माता-पिता ने जन्म के एक घंटे बाद ही झाड़ियों में फेंक दिया अब वही मासूम नागरिक अस्पताल के स्टाफ का चहेता बन गया है। शहर नागरिक अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती तीन दिन के इस मासूम को तीसरे दिन अपना नाम मिला। अस्पताल के स्टाफ ने मासूम को प्रिंस नाम दे दिया। कुछ स्टाफ सदस्य उसे किट्टू नाम से भी पुकारते रहे। मासूम ने थोड़ी बहुत फीडिंग शुरू कर दी है। दिनभर नर्सिंग स्टाफ मासूम की देखरेख में जुटी रहती हैं। बच्चे का वजन अभी करीब दो किलो 750 ग्राम आ रहा है। उधर, बच्चे के माता-पिता की अभी तक कोई पहचान नहीं हो सकी। शहजादपुर के भेड़ों गांव की झाड़ियों से 20 जून की सुबह करीब नौ बजे मासूम मिला था।
मासूम को गोद लेने के लिए चल रही फरियाद
उधर तीन दिन के इस मासूम को गोद लेने के लिए कई लोग जुगाड़ लगाने में जुटे हैं। सीडब्ल्यूसी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बच्चा गोद देने की गुहार अभी तक कई फरियादी लगा चुके हैं। लेकिन बच्चे को अब नियमानुसार सबसे पहले शिशु गृह पंचकूला भेजा जाएगा। इसके बाद ही उसे कागजी प्रक्रिया के बाद गोद लिया जा सकता है। करीब 6-7 दिन अभी बच्चा स्वास्थ्य विभाग की टीम की निगरानी में ही रहेगा।