अंबाला। जिला में नहाय खाय के साथ मंगलवार को छठ पूजा का आगाज होगा। इससे पहले पूर्वांचल के निवासियों ने अस्थायी घाट और पूजन के लिए सोमवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिया। पूर्वांचल के निवासियों की मांग है कि उनके अस्थायी घाट के लिए कोई मदद स्थानीय प्रशासन से नहीं मिलती है।
हमेशा की तरह इस बार भी उन्होंने अपने खर्चे से कृत्रिम घाट बनाए हैं। जिसमें अमन नगर, न्यू लक्की नगर, न्यू टैगोर गार्डन, नाचघर, सेक्टर नौ लक्ष्मी नगर चौक और घग्गर नदी में पूजा के लिए कृत्रिम घाट बनाए। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार की और से उन्हें घाट के लिए कोई भी आर्थिक मदद नहीं मिलती।
फोटो: 13
घाट के लिए जगह की दरकार
मिथिला नवयुवक संघ समिति के प्रधान भगवान दास ने बताया कि वह 1988 से छावनी में रह रहे हैं। शुरू में वह श्याम नगर स्थित पीर की दरगाह के पास पर छठ पूजा करते आ रहे थे। मगर सेना के मना करने के बाद दो साल मिक्की माॅडल स्कूल के पास खाली प्लॉट में गड्ढा खोदकर अस्थायी घाट बनाया छठ पूजा की। वहां से भी मना होने बाद, अब 13 साल से वह राणा कांप्लेक्स और वशिष्ठ नगर के बीच में जगह पर गड्ढा खोदकर छठ पूजा कर पर्व मनाते हैं। घाट पर 300 के करीब परिवार पूजा करने के लिए आते हैं। आज तक उन्हें सरकार से कभी मदद नहीं मिली। लेकिन अब उनकी संस्था परिवहन मंत्री अनिल विज से घाट के लिए पक्की जगह के लिए गुहार लगाएंगे।
फोटो: 14
अपने खर्चे पर बनाते हैं घाट
पूर्वांचल सनातन पूजा फाउंडेशन के प्रधान राजेश राव ने बताया कि वह पिछले 20 साल से अंबाला में रह रहे हैं और 15 साल तक घग्गर नदी छठ पूजा मनाते आ रहे हैं। लेकिन पिछले तीन साल से अंबाला शहर के सेक्टर नौ स्थित लक्ष्मी नगर चौक पर घाट बनाकर छठ पूजा करते आ रहे हैं। इसके लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण विभाग से अनुमति ली जाती है। सरकार की ओर से किसी भी तरह की मदद नहीं मिलती। घाट भी सभा अपने खर्चे पर बनाती है। उन्होंने बताया कि घाट पर पूजा करने के लिए एक हजार से ज्यादा लोग पूजा करने के लिए आते हैं।
फोटो: 15
रेलवे ने बनाकर दिया पक्का घाट
छावनी की रेलवे काॅलोनी निवासी विवेक पांडे ने बताया कि वह रेलवे काॅलोनी स्थित नाचघर में 27 साल से छठ पूजा का त्योहार मनाते आ रहे हैं। पहले वह नाचघर में गड्ढा खोदते थे लेकिन पिछले तीन साल से नाचघर में पान की आकृति का पक्का घाट बनाया गया है। छठ के दिन घाट पर रेलवे कालोनी, सुंदर नगर, चंद्रपुरी, बीडी मिल, दूधला मंडी, हिम्मतपुरा और आर्मी एरिया से लोग पूजा करने आते हैं।
अंबाला शहर के सेक्टर नौ में छठपूजा के लिए कृत्रिम घाट बनाते हुए। संवाद
अंबाला शहर के सेक्टर नौ में छठपूजा के लिए कृत्रिम घाट बनाते हुए। संवाद
अंबाला शहर के सेक्टर नौ में छठपूजा के लिए कृत्रिम घाट बनाते हुए। संवाद
अंबाला शहर के सेक्टर नौ में छठपूजा के लिए कृत्रिम घाट बनाते हुए। संवाद