अंबाला सिटी। यमुनानगर और अंबाला में करीब एक साल पहले जहरीली शराब पीने से 21 लोगों की मौत हो गई थी। ये शराब अंबाला के मुलाना स्थित धनौरा गांव की एक शराब फैक्ट्री में बनी थी। इस मामले में पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया था। पुलिस जांच के अनुसार इसमें कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया है। अब खाद्य या पेय पदार्थ में मिलावट, गैर इरादतन हत्या का प्रयास, जहर देने का उद्देश्य, धोखाधड़ी, जालसाजी, पंजाब एक्साइज एक्ट सहित कुल 13 धाराओं के तहत कोर्ट ने आरोप तय कर किए गए हैं। इन धाराओं के तहत मामले की सुनवाई अंबाला शहर में एडिशनल सेशन जज अमित शर्मा की अदालत में चलेगी।
09 जनवरी से कोर्ट में इस मामले में गवाही का दौर शुरू होगा। इस मामले को काफी गंभीर माना जा रहा है। यही कारण है कि पुलिस की तरफ से इस मामले को चिह्नित अपराधों की श्रेणी में शामिल किया गया है। ऐसे में अब सरकारी पक्षकारों को मामले पर पूरी निगरानी रखते हुए कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखना होगा ताकि आरोपियों को सजा मिल सके। जो अपराध चिह्नित अपराधों की श्रेणी में आते हैं उन पर तेजी से कोर्ट में सुनवाई होती है।
यह था मामला
दरअसल 08 नवंबर 2023 को पुलिस से सूचना मिली थी कि मुलाना के धनौरा में एक खेत में केमिकल की खंडहर फैक्ट्री मौजूद है। पुलिस ने दबिश दी तो वहां से नकली शराब बनाने का सामान, खाली बोतलें, लेबल, शराब की बोतलें व अन्य सामान बरामद हुआ था। इस मामले में पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक उत्तम सिंह को पकड़ कर पूछताछ की तो कई आरोपियों के नाम सामने आए। पुलिस की प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ था कि अंकित उर्फ मोगली ही इस मामले का मुख्य आरोपी है। उसने मार्च 2023 में ही अवैध फैक्ट्री रखने के लिए सामान जुटाना शुरू कर दिया था। करनाल के कलंदरी गेट के रहने वाले रमनदीप उर्फ दीपू ने मार्च में ही इथेनॉल के 10 ड्रम की आपूर्ति उपलब्ध करवाई थी। यह इथेनॉल करनाल की एक फर्म के संचालक अंशुल से लिया गया था।
अंकित कुरुक्षेत्र जेल में मोनू राणा के संपर्क में आया था
पुलिस अधिकारियों की मानें तो इसके बाद अंकित उर्फ मोगली को काम करने के लिए जगह नहीं मिल रही थी। बाद में वह कुरुक्षेत्र जेल में मोनू राणा के संपर्क में आया और उसने न केवल जगह उपलब्ध करवाने की बात कहीं बल्कि उसने कहा कि उसका यमुनानगर के आसपास ठेकों में भी हिस्सेदारी है और वो अपने संपर्क सूत्रों के शराब बिकवा देगा। इस तरह से अंकित ने जेल से छूटने के बाद 06 नवंबर को किराये पर ली कैमिकल फैक्ट्री में अवैध शराब बनाने का काम शुरू कर दिया था। पहली खेप के बाजार में जाते ही जहरीली शराब की मौतों की सूचना आने लगी थीं। शराब बनाने के लिए सबसे जरूरी इथेनॉल होती है और वो अंकित के दोस्त करनाल निवासी रमनदीप उर्फ दीपू ने उपलब्ध करवाया था। जेल से छूटने के बाद अंकित ने अपने अन्य साथियों की मदद से फैक्ट्री में काम शुरू कर दिया और दिवाली से ठीक पहले यानी 6 नवंबर को 200 पेटियों का जखीरा तैयार कर सप्लाई करना शुरू कर दिया था।
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मामले में 16 लोगों को बनाया है आरोपि, इनकी यह थी भूमिका
- अंकित उर्फ मोगली निवासी उगाला गांव अंबाला, यह शराब की अवैध फैक्ट्री चलाने का मास्टरमाइंड था।
- उत्तम निवासी धनौरा गांव अंबाला, अवैध फैक्ट्री वाली जगह का मालिक।
- पुनीत निवासी धनौरा गांव अंबाला, मोनू राणा का दोस्त, इसके जरिए ही उत्तम ने अंकित उर्फ मोगली को फैक्ट्री किराये पर दी थी।
- प्रिंस निवासी नारायणगढ़ अंबाला, अवैध फैक्ट्री से बोतलों की सप्लाई का जिम्मा प्रिंस के पास था।
- सौरभ निवासी सहारनपुर, फैक्ट्री में शराब बनाने वाला कारीगर।
- शेखर निवासी मेरठ, अंकित राणा का दोस्त था, यहीं फैक्ट्री में मजदूरों को लेकर आया था।
- प्रवीन निवासी मुज्जफरनगर, फैक्ट्री में पैकिंग करने वाला।
- अंशुल गर्ग निवासी करनाल, इथेनॉल उपलब्ध करवाने वाली फैक्ट्री का मालिक।
- रमनदीप उर्फ दीपू निवासी करनाल, इथेनॉल उपलब्ध करवाने के लिए अंकित को फैक्ट्री मालिक से मिलवाने वाला।
- विक्रांत उर्फ विक्की निवासी गुलयानी गांव, अंबाला, कच्चा माल उपलब्ध करवाने वाला
- मोहित उर्फ काला निवासी अधोया गांव, अंबाला, कच्चा माल उपलब्ध करवाने वाला।
- रविंद्र उर्फ बबलू निवासी दिल्ली, स्टीकर उपलब्ध करवाने वाला।
- शमशेर उर्फ मोनू राणा निवासी थंबड़, बराड़ा, बिक्री का जिम्मा लिया था।
- कपिल शर्मा निवासी थंबड़, अंबाला।
- गौरव, निवासी थंबड़, अंबाला।
- निशांत राणा, निवासी, यमुनानगर।
- प्रदीप निवासी छप्पर।