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चुनौती : सड़कों पर गोवंश, अभियान के दावे, गोशाला में जगह नहीं

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अंबाला सिटी। नगर निगम के सामने बेसहारा गोवंश की समस्या चुनौती बन गई है। निगम ने बीते अक्तूबर-नवंबर में अभियान चलाकर 200 गोवंश गोशाला में दिए थे। अब गोशाला में जगह न होने से गोवंश को नहीं लिया जा रहा। ऐसे में यह गोवंश सड़कों पर ही घूमने को मजबूर हैं।
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अब प्रशासन से लेकर नगर निगम के अफसर दावा कर रहे हैं कि अभियान चलाकर पशुओं की समस्या से निजात दिलाई जाएगी। मगर हकीकत यह है कि अभी भी कई चुनौतियां जस की तस हैं। ऐसे में पशु पकड़ो अभियान किस प्रकार से सफलता से चलेगा इस पर सवाल उठ रहे हैं। जबकि अधिकारियों का कहना है कि वीरवार से पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
पहली चुनौती
अपनी नंदीशाला नहीं
निगम की ओर से अपनी नंदीशाला व गोशाला बनाने का दावा भी किया गया था। इसके लिए जगह भी देखी गई थी, लेकिन यह योजना अभी तक सिरे नहीं चढ़ी। अब बेसहारा गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं। इनको इधर-उधर खदेड़ा जा रहा है। मंगलवार को डीसी पार्थ गुप्ता और आयुक्त सचिन गुप्ता ने निगम अधिकारियों को बेसहारा गोवंश को गोशाला में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए थे।
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दूसरी चुनौती
गोशाला में अत्यधिक गोवंश
श्रीकृष्ण नंदी गोधाम सेवा समिति सुल्लर के प्रधान रणबीर सिंह ने बताया कि निगम की ओर से बीते अक्तूबर और नवंबर में करीब 200 बेसहारा गोवंश को छोड़ा था। निगम इन गोवंश के लिए प्रति माह डेढ़ लाख रुपये गोशाला में दे रहा है। अभी गोशाला में 300 गोवंश हैं। इसलिए निगम से अभी गोवंश नहीं लिए जाएंगे। कुछ समय बाद गोशाला में जगह होने पर दोबारा से गोवंश को लिया जाएगा।
तीसरी चुनौती
योजना सिरे नहीं चढ़ने से दिक्कत
दरअसल, नगर निगम की ओर से डंगडेहरी गांव में बेसहारा पशुओं के लिए गोशाला व नंदीशाला बनाने के लिए करीब पौने सात एकड़ जमीन देखी गई थी। निगम अधिकारियों ने फंड के लिए एस्टीमेट बनाया था और इसका एस्टीमेट अप्रूवल के लिए मुख्यालय में भेजा था, मगर यह योजना सिरे ही नहीं बढ़ी। इस वजह से निगम अधिकारियों को ज्यादा दिक्कत आ रही है।
चाैथी चुनौती
सफलता से नहीं चल पाता अभियान
नगर निगम बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए हर साल निविदा जारी करती है। इस बार की निविदा का समय जल्द ही समाप्त होने वाला है। ऐसे में अधिकारियों का दावा है कि जल्द नई निविदा लगाई जाएगी। मगर हकीकत यह है कि मौजूदा निविदा के तहत भी कई दिनों से पशु नहीं पकड़े जा रहे हैं। इस पर अधिकारियों का तर्क है कि गोशालाओं में पशुओं को रखने की जगह नहीं है।
बढ़ रहे हादसे, सर्दी में ज्यादा दिक्कत

शहर के साथ ही ग्रामीण एरिया में भी बेसहारा गोवंश की समस्या बरकरार है। गोवंश रात में सड़कों पर घूमते रहते हैं। इस वजह से सड़क हादसे भी होते हैं। अब धुंध पड़ने पर गोवंश के कारण ज्यादा दिक्कत आएगी। शहर में जंडली से लेकर जिला नागरिक अस्पताल रोड तक, सेक्टर-1, 7, 8, 9 और 10 समेत सभी कॉलोनी में यही हाल है। जलबेड़ा रोड पर भी बेसहारा गोवंश सड़क पर घूमते रहते हैं। मटहेड़ी जट्टां तक स्थिति ज्यादा खराब है। लोग इन बेसहारा गोवंश को इधर से उधर खदेड़ देते हैं। इन गोवंश को चारा भी नहीं मिलता।

वर्जन

शहर में बेसहारा गोवंश के गले में रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं, जिससे कि हादसे न हों। साथ ही इन गोवंश को गोशाला तक पहुंचाने के लिए गुरुवार से अभियान भी चलाया जाएगा। इसके लिए गोशाला संचालकों से बातचीत की जाएगी।
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मुकेश कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।

आलराउंडर अंबाला छावनी निवासी युवा कप्तान युवराज- फोटो : संवाद

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