अंबाला सिटी। नारायणगढ़ अस्पताल में अब खून लेने के लिए मरीजों को छावनी या फिर सिटी के अस्पताल की ओर दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। विभाग की ओर से नारायणगढ़ अस्पताल में ही ब्लड स्टोर यूनिट शुरू करा दी है।
इससे आपातकाल मरीजों और गर्भवतियों को समय पर खून मिल जाएगा। नारायणगढ़ नागरिक अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं। कई बार गंभीर मरीजों और गर्भवतियों को खून की आवश्यकता होती है। ऐसे में मरीजों के तीमारदारों को निजी अस्पताल से महंगे दामों पर खून लेना पड़ता था।
अस्पताल में लंबे समय से ब्लड बैंक की मांग चल रही है। अभी तक ब्लड बैंक शुरू नहीं करवाया है। इसलिए मरीजों को रक्तदाताओं पर ही निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में मरीजों को नारायणगढ़ से अंबाला शहर करीब 35 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। अगर कोई अपने मरीज को खूनदान करता है तो उसके बाद ही मरीज को मदद मिलती है।
सबसे अधिक हादसों के प्वाइंट
नारायणगढ़ में कई मोड़ ऐसे हैं जहां पर आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। जिसमें शहजादपुर मोड़ और मुख्य बस स्टैंड भी शामिल है। ऐसे में हादसों में घायल हुए मरीजों को खून चढ़ाने के लिए रक्तदाता का ही इंतजार करना पड़ता है। इसलिए यहां पर ब्लड बैंक की सबसे अधिक जरूरत रहती है। विभाग की ओर से अस्पताल में शुरू की गई ब्लड यूनिट भी लंबे समय से बंद पड़ी हुई थी।एसीएस के दौरे के बाद विभाग ने संज्ञान लेते हुए ब्लड यूनिट को फिर से शुरू करवाया है।
वर्जन
मरीजों की जरूरत को देखते हुए फिलहाल ब्लड यूनिट को शुरू किया गया है। यहां पर ब्लड स्टोर करने की सुविधा मिल जाएगी। विभाग का प्रयास रहेगा कि यहां पर जल्द ही ब्लड बैंक शुरू हो जाए, जिससे मरीजों को भी राहत मिले।
-डॉ. राकेश सहल, सीएमओ स्वास्थ्य विभाग अंबाला।
आलराउंडर अंबाला छावनी निवासी युवा कप्तान युवराज- फोटो : संवाद