अंबाला सिटी। कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट ‘सीईटी’ को लेकर मंगलवार को उपायुक्त अजय कुमार तोमर ने अपने कार्यालय में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 26 व 27 जुलाई को आयोजित होने वाले कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट को लेकर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए। अभ्यार्थियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न आए, इसको ध्यान में रखते हुए सभी कार्य समय रहते होने चाहिए।
उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि परीक्षा के दृष्टिगत 15 लोकेशन पर 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यह केंद्र अंबाला शहर व अंबाला छावनी में होंगे। उन्होंने बताया कि अंबाला जिले से अभ्यर्थी चंडीगढ़ परीक्षा देने के लिए जाएंगे। इसके अलावा अंबाला में आयोजित होने वाली परीक्षा में अभ्यर्थी दूसरे राज्यों से पहुंचेंगे। यह परीक्षा दोनों दिन दो चरणों में होगी। प्रात: 10 बजे से सुबह 11.45 तक और दूसरे चरण में दोपहर 3.15 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। अंबाला जिले में आयोजित होने वाली परीक्षा में पहले व दूसरे चरण में करीब 4-4 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए पहुंचेंगे।
अंबाला से चंडीगढ़ के लिए भी रहेगी बसों की सुविधा
उपायुक्त ने बताया कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए अंबाला जिले की 132 बसें क्रियान्वित रहेंगी। इसके साथ-साथ बराड़ा, साहा, नारायणगढ़ व शहजादपुर से भी चंडीगढ़ के लिए बसों की सुविधा रहेगी। यह बसें प्रात: 4 बजे से 5 बजे के बीच में शुरू हो जाएंगी ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में पहुंचने में किसी प्रकार की कोई परेशानी न आए। यह सभी बसें चंडीगढ़ सेक्टर-17 बस स्टैंड पर पहुंचेंगी और वहां से चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से शटल बस सेवा की सुविधा उपलब्ध रहेगी जोकि अभ्यर्थियों को वहां से परीक्षा केंद्र से लाने व ले जाने की सुविधा प्रदान करेंगी। अभ्यर्थियों को इसके लिए अपने साथ एडमिट कार्ड रखना होगा। उन्होंने बताया कि अंबाला जिले के तहत 34 बसें शटल सेवा के लिए अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध रहेगी, जो भी दिव्यांग अभ्यर्थी है, उसे प्रशासन के सहयोग से सुविधा प्रदान की जाएगी।
आपात स्थिति के लिए डायल 112 की भी होगी सुविधा
पुलिस के भी चाक-चौबंद रहेंगे, डायल 112 की सुविधा रहेगी। यदि किसी अभ्यर्थी को आपात स्थिति में कोई सहायता चाहिए तो वह इस नंबर पर कॉल करके सुविधा ले सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि परीक्षा को ध्यान में रखते हुए बाहर यात्रा करने से परहेज करे ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके और अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न आए। अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए धर्मशाला व रैन बसेरे की भी व्यवस्था रहेगी।