दिवाली को पटाखा रहित मनाने के लिए अधिकारियों ने अंबाला वासियों को संदेश दिया है। इस दौरान अधिकारियों ने अंबाला वासियों से पटाखे न चलाने व सौहार्दपूर्ण दिवाली मनाने की अपील की है। उनका कहना है कि दिवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है। कई बार पटाखों के कारण यह खुशियां मातम और रोशनी अंधेरे में बदल जाती है। इसीलिए सभी को इस बार पटाखा रहित दिवाली मनाने का संकल्प लेना चाहिए। जिससे पर्यावरण को नुकसान न हो।
आपसी सौहार्द का प्रतीक दिवाली की जिलावासियों को मुबारकबाद। उनके उज्ज्वल व खुशहाल भविष्य के लिए शुभकामनाएं। दीपावली पर्व के साथ-साथ हमें सभी पर्वों को मिलजुल कर मनाना चाहिए। त्योहारों को मिलजुल कर मनाने से आपसी भाईचारा बढ़ता है। पटाखा रहित दिवाली मनाएं।
- विक्रम सिंह, उपायुक्त, अंबाला।
दीपावली के इस पावन पर्व को नागरिक कोविड-19 महामारी से संबंधित नियमों की पालना करते हुए परिवार के साथ मिलकर खुशी से मनाएं। बढ़ते प्रदूषण से आम नागरिकों को होने वाली परेशानी को देखते रखते हुए दीपावली के अवसर पर सभी प्रकार के पटाखों पर प्रतिबंध है। अत: सभी नागरिक इन आदेशों का पालन करें।
- जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी, अंबाला।
दिवाली का त्योहार मेलजोल और खुशियों का त्योहार है। इसीलिए सभी को इस त्योहार को खुशियों के साथ मनाना चाहिए। पटाखे चलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, वहीं इससे गंदगी भी फैलती है। इसीलिए अंबाला वासियों से अपील है कि वह खुशियों के इस त्योहार को पटाखा रहित मनाएं।
- धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त, नगर निगम, अंबाला सिटी।
दिवाली पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण के कारण सांस से संबंधित मरीजों के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। इसीलिए सभी नागरिकों को इस बार पटाखा रहित दिवाली मनाने का संकल्प लेना चाहिए। पटाखों के कारण होने वाले प्रदूषण से अन्य भी कई बीमारियां पैदा होती हैं, नुकसान देह हैं।
- कुलदीप सिंह, सीएमओ, अंबाला।