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अधिगृहीत भूमि की करवा दी महिला के नाम रजिस्ट्री, पटवारी व सेवानिवृत तहसीलदार सहित 4 पर केस दर्ज

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(अंबाला) मुलाना। सरकार द्वारा अधिगृहीत भूमि को प्रॉपर्टी डीलर ने पटवारी और तहसीलदार के साथ मिलकर एक महिला के नाम उसकी रजिस्ट्री करवा दी। इतना ही नहीं महिला को इसका इंतकाल भी करवाकर दे दिया, लेकिन जमीन का कब्जा नहीं दिया। जब जमीन के कब्जे में आनाकानी होने लगी तो महिला को शक हुआ और पूरे फर्जीवाड़े से पर्दा उठ गया। पुलिस ने अब इस मामले में गृहमंत्री अनिल विज के हस्तक्षेप के बाद तत्कालीन तहसीलदार प्रताप सिंह, पटवारी बालक राम और प्रॉपर्टी डीलर नरेंद्र व उसके बेटे विकास पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।
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गृहमंत्री अनिल विज को सौंपी शिकायत में अंबाला छावनी अनाज मंडी निवासी पदमा रानी ने बताया था कि उसने वर्ष 2012 में प्रॉपर्टी डीलर नरिंद्र कुमार से मुलाना में 9 मरले का प्लॉट खरीदा था। इस प्लॉट की रजिस्ट्री प्रॉपर्टी डीलर नरिंद्र ने पटवारी बालक राम, तहसीलदार प्रताप सिंह से मिलकर करवा दी और उसे बेच दिया। लेकिन इस प्लॉट का रकबा कब्जा व निशानदेही नहीं दी। बाद में उसे पता चला कि इस प्लॉट के रकबा में से कुछ जगह सरकार द्वारा वर्ष 2011 में अधिग्रहण की हुई है। इसकी पुष्टि के लिए वह पंचकूला तहसील कार्यालय गई। वहां उसे बताया गया कि इस जगह में से कुछ भूमि 2011 में सरकार द्वारा अधिग्रहण कर ली गई थी फिर आपके नाम 2012 में 09 मरले की रजिस्टरी कैसे हो गई? पंचकूला कार्यालय से उसे पता चला कि 09 मरले से 4.05 वर्ग गज रकबा जो सरकार द्वारा अधिगृहीत हुआ था उसके पैसे हम आपके खाते में डाल रहे आप इसके सभी औपचारिकताएं पूरी करें, उसके बाद पदमा कागजात पूरे करके पंचकूला ले गई जहां से अधिगृहीत जमीन के पैसे उसके बैंक खाते में डाल दिए गए। साथ ही उसे यह भी बताया गया कि इस रकबा में से जो बकाया जगह 4.95 वर्ग गज पड़ी है उसकी आप निशानदेही प्राप्त कर लो।
महिला के आरोप हैं कि वह डीलर नरिंद्र कुमार से निशानदेही के बारे में कई बार मिली लेकिन निशानदेही नहीं करवाई गई। कई अधिकारियों के पास भी गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पूरे मामले की शिकायत लेकर महिला डीएसपी बराड़ा से भी मिली। उन्होंने आरोपी नरिंद्र सबरवाल को बुलाया लेकिन वह वहां भी नहीं आया। उसका बेटा विकास वहां पहुंचा, जिसने डीएसपी कार्यालय में अपना बयान दर्ज करवाया। विकास ने इसमें कहा कि वह, प्रताप सिंह तहसीलदार, पटवारी बालकराम को साथ लेकर दो ढाई महीने में निशानदेही करवा देगा।
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इस पर महिला ने हामी भर दी और केस दर्ज नहीं करवाया। लेकिन उसके बाद से लेकर आज तक न तो निशादेही करवाई गई न ही जमीन का कब्जा दिया गया। साथ ही डरा धमका भी रहें हैं कि तुम यहां से चली जाओ। वरना कोई तुम्हें मार देगा। डीएसपी बराड़ा रजनीश शर्मा ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
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