अंबाला। प्रदेशभर में कैंसर की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। जल्द अलग-अलग जिलों में बनने वाले किसी भी डे केयर सेंटर में जाकर मरीज अपना उपचार करा सकेगा। अंबाला, रोहतक व चंडीगढ़ आदि मुख्य सेंटरों में उपचार के लिए चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नेशनल हेल्थ सिस्टम रिसोर्स सेंटर यानी (एनएचएसआरसी) ने इस पायलट परियोजना में हरियाणा में अंबाला के अटल कैंसर केयर केंद्र यानी टर्सरी कैंसर सेंटर को चुना है।
हालांकि इसके ट्रायल के लिए काम चल रहा था जो सफल हो गया है। जल्द इस प्रोजेक्ट को प्रदेशभर सहित देशभर में लागू कर दिया जाएगा। इसके तहत कैंसर के मरीज का जो भी उपचार चल रहा है, उसे एक विशेष सॉफ्टवेयर पर चढ़ाया जाएगा। अपलोड करने के बाद वह किसी भी डे केयर में जाकर अपनी फाइल खुलवाकर उपचार ले सकेगा। इससे अटल कैंसर सेंटर जैसे टर्सरी कैंसर सेंटर एवं जिला मुख्यालय अस्पताल के बीच में समन्वय स्थापित होगा।
प्रदेशभर के नागरिक अस्पतालों में डे केयर सेंटर बनाने का मुख्य उद्देश्य कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज को आसान बनाना है, जहां मरीजों को 24 घंटे से कम समय के लिए भर्ती होना पड़ता है, जैसे कीमोथेरेपी और डायलिसिस, जिससे उन्हें बार-बार शहर न आना पड़े और इलाज सुलभ हो सके। जल्द यह डे केयर प्रदेशभर के नागरिक अस्पताल में स्थापित होंगे व इस प्रोजेक्ट को उनसे जोड़ा जाएगा।
कुरुक्षेत्र के डे केयर संग की टेस्टिंग
इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए अंबाला के अटल कैंसर केयर केंद्र का चयन पांच प्रदेशों से हुआ है। अंबाला के कैंसर अस्पताल से ट्रायल के लिए कुरुक्षेत्र में बने डे केयर को चुना गया था। ऐसे में अंबाला के कैंसर अस्पताल से गंभीर मरीजों का डाटा जो उनके शहर के आसपास के हैं, उन्हें सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया गया था। मरीजों को भेजकर वहां पर उपचार भी करवाया गया था ताकि मरीजों को बार-बार अंबाला के चक्कर काटने की जरूरत न पड़े। यह ट्रायल सफल रहा है।
यह है एनएचएसआरसी
नेशनल हेल्थ सिस्टम रिसोर्स सेंटर (एनएचएसआरसी) भारत सरकार के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत एक प्रमुख थिंक टैंक है, जिसकी स्थापना 2007 में हुई थी। इसका मुख्य काम राज्यों को तकनीकी सहायता प्रदान करके, क्षमता निर्माण करके और स्वास्थ्य प्रणालियों में सुधार करके देश में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने में मदद करना है, जो नीति विकास और स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
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अटल कैंसर केयर केंद्र सेंटर की कैंसर रजिस्ट्री के अनुसार
2022 - पंजीकृत 482
2023 - पंजीकृत 843
2024 - पंजीकृत 626
अक्तूबर 2025 - पंजीकृत 547
अटल कैंसर सेंटर के मरीजों को आधुनिकतम तकनीकी एवं सुविधाएं देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। किसी भी सरकारी योजना को कैंसर मरीजों तक पहुंचाने के लिए यह केंद्र सदैव तत्पर है। एनएचएसआरसी के पायलट ट्रायल प्रोजेक्ट में कोई असुविधा नहीं हुई है। जल्द इसके पूर्ण परिणाम हमारे सामने होंगे।
- डॉ. यशपाल वर्मा, कार्यवाहक निदेशक, अटल कैंसर केयर केंद्र