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कल्पना नहीं कर सकता, सुरक्षा में ऐसी चूक क्यों?

Sat, 16 Jan 2016 01:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
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कोर्ट परिसर के अलमद रूम में करीबन डेढ़ हजार केसों की फाइलें फूंकने की घटना ने पांच साल बाद फिर से अदालत परिसर की सुरक्षा में एक बड़ी सेंध लगा दी है। 3 मार्च 2010 को इसी कोर्ट परिसर में एक कोर्ट रूम के बाहर तीन नकली वकीलों ने गैंगस्टर बॉबी को गोलियों से भून दिया था। ये हत्यारे भी कोर्ट परिसर की सुरक्षा को गच्चा देकर दाखिल होने के बाद फरार होे गए थे। अब गत आधी रात को फिर से कोर्ट परिसर की इस सुरक्षा को ठेंगा दिखाते हुए एक शातिर आरोपी कोर्ट परिसर के अलमद रूम में दाखिल हुआ और उसने वहां करीबन ग्यारह अलमारियों में रखी सिविल और क्रिमिनल केसों की ढाई हजार फाइलें जला दी। चूंकि ऐसी वारदात अंबाला कोर्ट परिसर में पहली बार हुई, इसलिए इसे लेकर जजों और वकीलों की चिंताएं बढ़ना लाजिमी है।
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कोर्ट परिसर की सुरक्षा में सेंधमारी और इस वारदात के बाद से ही जिला एवं सत्र न्यायधीश दीपक गुप्ता बेहद चिंतित है। उन्होंने पुलिस से अलग इस मामले की जांच सीजेएम के नेतृत्व में एक विशेष टीम से करवाने का भी फैसला लिया है। बातचीत में न्यायधीश दीपक गुप्ता ने कहा कि 'मैं खुद हैरान हूं और कल्पना भी नहीं कर सकता कि कोर्ट परिसर की सुरक्षा में ऐसी चूक भी हो सकती है। न्यायधीश श्री गुप्ता इस मामले में पुलिस और कोर्ट स्टाफ की लापरवाही बताई है।
 इसलिए हैरान हैं जज
न्यायाधीश श्री गुप्ता ने कहा कि अज्ञात व्यक्ति का कोर्ट परिसर में आधी रात को दाखिल होना ही हैरानी भरा था। उसके बावजूद उसने आगजनी की घटना को अंजाम दिया, इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई की आधी रात को आग लगने के बाद कोर्ट परिसर से निकलने वाले धुएं को भी सिक्योरिटी और चौकीदारों ने नहीं देखा। उनके अनुसार कोर्ट परिसर में स्मोक डिटेक्ट अलार्म लगे हैं, जो सिगरेट के धुएं पर भी अलार्मिंग करते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह कि आग के बाद उठने वाले धुएं पर भी ये अलार्म क्यों नहीं बजे? जज के अनुसार कोर्ट परिसर की सिक्योरिटी को रिव्यू करने के लिए पुलिस कमिश्नर से भी विचार-विर्मश किया गया है।
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-भड़के वकीलों ने रखा वर्क सस्पेंड
जिला बार एसोसिएशन भी इस वारदात के बाद खासी नाराज है। एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट रोहित जैन के नेतृत्व में एसोसिएशन ने पुलिस कमिश्नर, डीसीपी और डीसी अंबाला को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में अपना विरोध जताते हुए कोर्ट परिसर और चैंबर कांपलेक्स की सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग की है। इसी विरोधस्वरूप वकीलों ने वर्क सस्पेंड भी रखा। जिस वजह से कोर्ट परिसर का कामकाज ठप रहा। इस घटना के बाद सचिव एडवोकेट राजेश शर्मा, उपप्रधान विनोद भारद्वाज, ज्वाइंट सेक्रेटरी विवेक महार्षि, कोषाध्यक्ष सचिन गोयल, कार्यकारिणी सदस्य राजेश शर्मा, राजीव सचदेवा, देव बत्तरा, आरके विग,  सतपाल सिंह, खुशीराम सैनी, नरेंद्र सिंह, संदीप सचेदवा, देवेंद्र शर्मा, जफर चौधरी, नम्रता गौड़, रीता सूरी, बिंदू जैन, प्रीती सहगल, इंद्रजीत सिंह, सुधीर सहगल, नवनीत मेहता, विकास अग्रवाल, विजय धीमान, बीएस जसपाल ने कहा कोर्ट परिसर में इसे लेकर तमाम वकीलों  में रोष व्याप्त है। वकीलों ने बताया कि कोर्ट परिसर के अलमद रूम के रिकार्ड तक संदिग्ध व्यक्ति का पहुंचकर उसे जलाना, सुरक्षा में बहुत बड़ी लापरवाही है।
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