- रोजाना छावनी बस अड्डा पर पीआरटीसी और पंजाब रोडवेज की 100 बसों का होता है आवागमन पर 10 ही पहुंचीं
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। पंजाब के मोगा में आयोजित रैली में गई बसों के कारण छावनी बस अड्डे पर यात्री परेशान रहे। दिल्ली, पटियाला, देहरादून, लुधियाना, संगरूर, बठिंडा, बहादुरगढ़ और हरिद्वार जैसे अधिकतर रूट बंद रहे। महज कुछ रूटों पर ही बसों का संचालन हुआ। अंबाला छावनी बस अड्डा पर रोजाना पीआरटीसी और पंजाब रोडवेज की करीब 100 बसों का आवागमन होता है लेकिन सोमवार को रैली के कारण अधिकतर बसें नदारद रहीं। पूरे दिन में महज 10 बसें ही बस अड्डे पर पहुंचीं।
रैली के कारण केवल सात बसें ही छावनी बस अड्डे पर पहुंचीं। उनमें भी यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चालक और परिचालकों ने एक-एक बस में 80 से अधिक सवारियों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया हुआ था। ओवरलोडिंग के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान अधिकतर यात्री बसों में खडे़ नजर आए, लेकिन गंतव्य तक पहुंचने की मजबूरी में लोग जैसे-तैसे सफर करने को मजबूर दिखे। संयम ने बताया कि वह एमएमयू मुलाना के छात्र हैं उन्हें अपने घर पटियाला जाना है, पौने घंटे से बस की इंतजार में खड़े मशक्कत करनी पड़ रही।
नहीं आ रही खन्ना की बस
सहारनपुर निवासी इंतजार ने बताया कि उन्हें खन्ना जाना है, लेकिन एक घंटे से ज्यादा समय बीत गया, कोई बस नहीं मिली।
भीड़ के कारण दो बसें छोड़ दीं
नेपाल निवासी विनोद ने बताया कि उन्हें पत्नी के साथ पटियाला जाना है। दो बसें आईं थी लेकिन उनमें इतनी भीड़ थी कि अंदर जाना मुश्किल था। इसलिए वह दोनों बस में सवार नहीं हुए।
पूछताछ केंद्र पर नहीं मिला जवाब
सहारनपुर निवासी अनिल कुमार ने बताया कि वह बहादुरगढ़ जाने के लिए एक घंटे से खड़े हैं। पूछताछ केंद्र पर भी कोई साफ जवाब नहीं मिला।
नहीं मिली संगरूर की बस
राजविंदर कौर ने बताया कि वह उन्हें संगरूर जाना था, लेकिन पता चला कि बसें रैली में गई इसलिए बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ लगी है।
रैली में गई बसों के कारण दिल्ली, पटियाला, देहरादून और लुधियाना प्रभावित रहे, महज 10 बसें ही अंबाला आईं।
- रणबीर सिंह, मुख्य निरीक्षक, पीआरटीसी, बस स्टैंड इंचार्ज, अंबाला छावनी