अंबाला। नारायणगढ़ सब-डिपो से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विभाग में स्टाफ की कमी के चलते पिछले एक साल से हरिद्वार और तीन महीने से पटियाला मार्ग पर बसों का संचालन बंद पड़ा है। हालात यह हैं कि 43 बसों के बेड़े को चलाने के लिए नारायणगढ़ सब डिपो के पास पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नारायणगढ़ से हरिद्वार के लिए पहले दो बसों का संचालन होता था। पिछले एक साल से यह सेवा बंद है। यात्री अब निजी वाहन में अतिरिक्त किराया देकर हरिद्वार जा रहे है, इसके अलावा कई यात्री अंबाला कैंट बस अड्डे आकर बसें पकड़ने को मजबूर हैं। तीन महीने पहले तक पटियाला के लिए दो बसें संचालन करती थीं, यह बसें चंडीगढ़ में रात्रि ठहराव करती थीं।
अब यह मार्ग भी बंद है, इसके अलावा नारायणगढ़ बस अड्डे से दिल्ली के लिए रोजाना छह बसें रवाना होती थीं, लेकिन स्टाफ की कमी के चलते अब केवल पांच बसें ही भेजी जा रही हैं। नारायणगढ़ सब-डिपो के पास वर्तमान में 40 रोडवेज की बसें हैं और तीन बसें किलोमीटर स्कीम के तहत उपलब्ध हैं। इन 43 बसों को चलाने के लिए 41 चालक और 47 परिचालक तैनात हैं। मुसीबत तब और बढ़ जाती है जब रोजाना कोई कर्मचारी बीमारी, इमरजेंसी या किसी अन्य निजी कारण से छुट्टी पर चला जाता है, ऐसे में बसों को डिपो में ही खड़ा करना विभाग की मजबूरी बन जाता है।